Dumka 6 साल की मासूम बच्ची से गैंगरेप व हत्या कर शव को दफना देने के मामले में आज तीनों अभियुक्तों को सजा सुनायेगी

विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत कुछ ही देर में तीनों अभियुक्तों को सजा सुनायेगी

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दुमका  : दुमका जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची की गैंगरेप कर हत्या कर शव को दफना देने के मामले में दुमका के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत कुछ ही देर में तीनों अभियुक्तों को सजा सुनायेगी। तीनों अभियुक्तों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट लाया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के 25 दिनों में फैसला सुनाने का भी यह एक रेकार्ड होगा।

कोर्ट ने महज तीन दिनों में गवाही की प्रक्रिया पूरी कर देश के न्यायिक इतिहास में नया रेकार्ड बना दिया है। पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत में सोमवार को साक्षियों के गवाही की प्रक्रिया पूरी करने के लिए देर रात तक सुनवाई की। आज अभियिजन एवं बचाव पक्ष को दिन के दो बजे तक बहस पूरा कर लेने का समय निर्धारित किया है। सुबह 11 बजे से विशेष न्यायालय पहले अभियोजन और उसके बाद बचाव पक्ष की दलीलें सुन रहे हैं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट दोषसिद्धी पर अपना निर्णय देगा कि किन-किन धाराओं में अभियुक्तों को सिद्धदोष पाया गया है। इसके बाद अभियोजन एवं बचाव पक्ष सजा के बिन्दू पर अपना-अपना पक्ष रखेंगे जिसमें अभियोजन की ओर से इस केश को रेयरेस्ट आॅफ दि रेयर और सामुहिक दुष्कर्म (भादवि की धारा 366डी) के आधार पर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग और बचाव पक्ष कम से कम सजा देने की गुहार लगायेगी।
गौरतलब है कि 6 साल की मासूम बच्ची को उसका चचेरा चाचा मीठू राय 5 फरवरी की शाम सरस्वती मेला दिखाने के लिए उसके ननिहाल से ले गया था और आरोप है कि मेला में बच्ची को गोलगप्पे खिलाने के बाद के बाद शौच करवाने के बहाने कुसुमडीह बहियार में ले जाकर अपने दो साथियों के साथ बच्ची से रेप व अप्राकृतिक यौनाचार करने के बाद गला दबा कर उसकी हत्या कर दी थी। दिल दहला देनेवाले इस कांड का खुलासा 7 फरवरी को तब हुआ था जब रामगढ़ के कुसुमडीह बहियार से मासूम बच्ची का शव बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने नामजद अभियुक्त दरिंदा चचेरा चाचा मीठू राय को मुम्बई से और उसके दोनों साथियों पंकज मोहली एवं अशोक राय को पोड़ैयाहाट (गोड्डा) से गिरफ्तार कर तीनों अभियुक्तों को 12 फरवरी को कोर्ट में प्रस्तुत किया था। गिरफ्तारी के 14 दिनों के अंदर अनुसंधानकर्ता ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चार्जसीट दाखिल कर दी। विशेष न्यायाधीश तौफिकुल हसन ने 26 फरवरी को ही इस केस में संज्ञान ले लिया और 27 फरवरी को तीनों आरोपियों को इस कांड में धारा 366, 376ए, 376डी, 302, 201/34 और पोस्को एक्ट की धारा 6 के तहत आरोप गठित करते हुए 28 फरवरी से इस केश का ट्रायल शुरू कर दिया गया।

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