नगर परिषद व छावनी परिषद के पदाधिकारियों को मिली आवारा पशुओं को जब्त करने की जिम्मेवारी!
सुबह सात से रात आठ बजे तक पशुओं को सड़क पर छोड़ने से जब्त कर कांजी हाउस में रखने का उपायुक्त ने दिया निर्देश!
आवारा पशुओं की वजह से अब शहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी, जिसके लिए डीसी चंदन कुमार के निर्देश पर कैथा स्थित किसान केंद्र में अस्थायी कांजी हाउस का निर्माण किया गया है, जिसमें सुबह सात बजे से लेकर रात आठ बजे तक शहर की सड़कों पर पशुओं के विचरण करते पाए जाने पर उसे जब्त करने की जिम्मेवारी डीसी ने छावनी परिषद व नगर परिषद के पदाधिकारियों को दी है। डीसी चन्दन कुमार ने पशु मालिकों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा है कि पशु मालिक अपने गाय, बैल या भैंस को सड़कों पर न छोड़ें। और फिर भी अगर सड़क पर पशु विचरण करते हुए पाए जाते है तो उसे जब्त कर कैथा स्थित कांजी हाउस में रखा जाएगा, जहां पशु मालिक को प्रतिदिन एक पशु पर दो सौ रुपए आर्थिक दंड देना होगा। साथ ही पशु मालिक द्वारा पर्याप्त साक्ष्य समर्पित करने के उपरांत आर्थिक दंड और पशु के रखरखाव में आए खर्च की राशि जमा करने पर ही पशु को रिहा किया जायेगा।
कांजी हाउस में जब्त पशुओं के सुरक्षित रखरखाव में पशुओं के लिए चारा, स्वास्थ्य जांच और दवा का खर्च पशु मालिक को पशु रिहा कराने के पूर्व जमा करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए तीन सौ रुपए प्रतिदिन अतिरिक्त देने होंगे।
उक्त नियम रामगढ़ नगर परिषद् क्षेत्र और रामगढ़ छावनी परिषद् क्षेत्र दोनों पर लागू होगा। आर्थिक दंड व पशु जब्त करने का कार्य दोनों क्षेत्रों में नगर परिषद् के पदाधिकारियों द्वारा किया जा सकेगा। छावनी परिषद् रामगढ़ इसके अतिरिक्त भी समुचित कार्रवाई के लिए अभियान चलाकर शहर के किसी भी भाग से ऐसे पशुओं को जब्त कर कांजी हाउस को सुपुर्द कर सकेगा। सात दिनों तक पशु मालिक द्वारा पशु को रिहा नहीं कराने पर अस्थायी कांजी हाउस द्वारा नीलामी कर दी जाएगी। आर्थिक दंड या अन्य किसी आदेश के विरूद्ध जिलास्तरीय कांजी अपीलीय कमेटी के समक्ष अपील की जा सकेगी। रामगढ़ नगर परिषद व रामगढ़ छावनी परिषद क्षेत्र में लागू अधिनियम/ नियमावली के तहत आवश्यकतानुसार आपसी समन्वय स्थापित करते हुए संबंधित कार्रवाई की जाएगी।
