Logo
ब्रेकिंग
स्वीप" अंतर्गत वोटर अवेयरनेस को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुआ मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन... *हमारा लक्ष्य विकसित भारत और विकसित हज़ारीबाग: जयंत सिन्हा* आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न ।

सरकार ने खालिस्तान और पाकिस्तान समर्थक 1178 ट्विटर अकाउंट पर कार्रवाई करने का दिया निर्देश

नई दिल्ली। किसान आंदोलन की आड़ में भारत में दंगा व अशांति फैलाने के उद्देश्य से विदेश से लगातार ट्वीट किए जा रहे हैं। इनमें सैकड़ों ट्वीट पाकिस्तान व खालिस्तान समर्थक हैंडल से किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत की एकता एवं अखंडता के लिए खतरा ऐसे ही 1,178 अकाउंट की सूची ट्विटर को सौंप उनपर कार्रवाई के लिए कहा है। इन अकाउंट से किए जाने वाले ट्वीट को प्रबंधकीय तरीके से अग्रसारित किया जा रहा है।

सरकार ने ट्विटर से 257 लिं‍क को ब्लाक करने के लिए कहा था

हैरानी की बात यह है कि ऐसे ट्वीट को ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी द्वारा भी लाइक किया जा रहा है। मंत्रालय ने इन अकाउंट की सूची चार फरवरी को ही ट्विटर को सौंप दी थी। लेकिन ट्विटर की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पहले 31 जनवरी को भी सरकार ने ट्विटर से 257 लिं‍क को ब्लाक करने के लिए कहा था, लेकिन उस संबंध में भी ट्विटर की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये 257 लिंक फार्मर्स जेनोसाइड (किसानों का नरसंहार) हैशटैग से होने वाले ट्वीट से जुड़े हैं जो भारत में किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काने के उद्देश्य से किए जा रहे थे। ट्विटर की तरफ से कार्रवाई करने की जगह इन्हें अभिव्यक्ति की आजादी बताया गया।गत एक फरवरी को मंत्रालय की कमेटी के सामने ट्विटर के वकील की पेशी से ठीक पहले इन 257 लिंक को कुछ मिनट के लिए ब्लॉक किया गया था। ट्विटर के इस रवैये को देखते हुए सरकार कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।

एक्ट में जुर्माने के साथ ही सख्त कार्रवाई का प्रावधान

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक ट्विटर को अगर सरकार का यह निर्देश मुनासिब नहीं लग रहा है तो कंपनी अदालत में सरकार के निर्देश को चुनौती दे सकती है। लेकिन ट्विटर की तरफ से अब तक सरकार के निर्देश को देश के किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक ट्विटर को यह बता दिया गया है कि सरकार ने आइटी एक्ट के सेक्शन 69 ए के तहत यह निर्देश दिया है क्योंकि ये ट्वीट आंदोलन को लेकर गलत सूचना का प्रसार कर रहे हैं जिससे हिंसा भड़कने के साथ देश की कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हैं। इस एक्ट में जुर्माने के साथ ही सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।