झारखंड के मंत्री ने खेतों में उतरकर की धानरोपनी, हल-बैल के साथ कीचड़ में की जुताई

आप भले ही कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए लेकिन उसे खेती से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए : मंत्री

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चतरा: भारत एक कृषि प्रधान देश है। किसान को सबसे ज्यादा सम्मान देते हुए उसे अन्नदाता कहा गया है। अगर किसी का परिवार खेती से जुड़ा हुआ है तो वह भले ही कितनी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए लेकिन उसे खेती से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, झारखंड के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने इस बात का जीता जागता उदाहरण है।

लाव-लश्कर के साथ चलने वाले सूबे के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता एक बार फिर अपने खेतों में आम आदमी की तरह हल जोतते नजर आए। तीन दिवसीय दौरे पर चतरा पहुंचे मंत्री ने अपने गांव सदर प्रखंड के कारी पहुंचकर न सिर्फ खेत के कीचड़ मे उतरकर अपने हांथो से हल जोता। बल्कि खेतों में ही धान बुआई कार्य मे जूटे अन्य मजदूरों के साथ बैठकर धान का बिचड़ा उखाड़ते हुए खुद उसका बुआई भी किया। इस दौरान मंत्री को कीचड़ में देखने के लिये मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी।

खेतों में धान बुआई के बाद मंत्री ने कहा कि वे किसान के बेटे हैं और अपनी औकात नहीं भूले है। प्रत्येक वर्ष वे सावन के महीने में वे कहीं भी रहे अपने गांव आकर खेती-बाड़ी में मजदूर व अपने परिवारों का हाँथ जरूर बटाते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है। ऐसे में किसानों पर ही देश टिका है। मैं कृषि मंत्री भी रहा हूँ और आज लेबर मिनिस्टर हूँ। इस लिहाज से खेतों में पसीना बहाने वाले किसानों का दुख-दर्द व परेशानियों को बखूबी समझता हूँ। मंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्हें उनका अधिकार हर हाल में दिलाया जाएगा। श्रम मंत्री ने कहा कि आज हमारा देश और प्रदेश कोरोना से जंग लड़ रहा है। हम हर हाल में कोरोना को मात देकर विजयी होंगे। उन्होंने आमलोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए सरकारी निर्देशों का अनुपालन कर बिना काम घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

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