शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने रखी नई मांग, कहा- दंगे में गिरफ्तार हुए मुसलमानों को छोड़ा जाए

नई दिल्ली। सीएए व एनआरसी के विरोध में करीब तीन माह से शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने शुक्रवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नई मांगे रख दीं। प्रदर्शनकारियों ने सीएए, एनआरसी व एनपीआर को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही यह भी मांग रख दी कि हाल ही में हुए दंगों में जिन मुस्लिम लोगों को गिरफ्तार किया है उन्हें रिहा किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों को भी दंगे का आरोपित बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि लोग दंगों में शामिल भी नहीं थे।

इधर, दिल्ली में हिंसा से पहले अलग-अलग दलों के नेताओं द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषणों के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर सभी याचिकाओं पर 20 मार्च को सुनवाई होगी। बुधवार को दायर की गई याचिका पर हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर 16 मार्च तक दिल्ली पुलिस और आप सरकार से जवाब मांगा है।

दीपक मदन ने दायर याचिका में कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सलमान खुर्शीद और भाजपा के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, स्थानीय नेता कपिल मिश्र के खिलाफ केस दर्ज कर एसआइटी से जांच करानी चाहिए। इसके अलावा याचिका में मांग की गई है कि जो हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी संपत्ति को कुर्क कर नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।

इससे पहले माकपा नेता बृंदा करात ने भी याचिका दायर की थी और कई अन्य याचिकाएं भी हाई कोर्ट में दायर हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ से कहा कि जांच पूरी करने के लिए कुछ समय दिया जाए। इस पर पीठ ने सभी मामलों की सुनवाई के लिए 20 मार्च की तिथि तय की है। हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस और आप सरकार से 16 मार्च तक इस मामले में जवाब देने के लिए कहा है

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