सिंधिया को लेकर राहुल ने मोदी पर साधा निशाना- तेल की कीमतें घटाओ, चुनी सरकारें न गिराओ

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रंगों के त्योहार होली पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पार्टी को अलविदा कह दिया। सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने से मध्य प्रदेश की राजनीति में काफी हलचल मची हुई है। वहीं बुधवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से जब मीडिया ने संसद परिसर में सिंधिया के इस्तीफे पर सवाल किया तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।

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हालांकि राहुल ने इतना जरूर कहा कि जब प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को अस्थिर कर रहे थे, तब शायद उनकी सरकार का ध्यान कच्चे तेल के नए दाम पर नहीं गया। क्या आप (पीएम मोदी) भारतीयों को कच्चे तेल में कीमतों की कमी का फायदा देंगे और पेट्रोल का दाम 60 रुपए से नीचे लाएंगे। हालांकि जब सिंधिया के इस्तीफे पर उनसे सवाल पूछा गया तो सीधे तो पर बिना कुछ कहे वे आगे निकल गए। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने ट्वीट करके भी मोदी सरकार पर पेट्रोल की कीमतों को लेकर तंज कसा। राहुल ने ट्वीट किया कि आप वैश्विक तेल की कीमतों में 35 फीसदी की कमी को नोटिस करने से चूक गए होंगे।

बता दें कि राहुल गांधी के अध्यक्ष रहते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की गिनती उनके करीबियों में होती थी। इतना ही नहीं लोकसभा में भी दोनों नेता एक साथ ही बैठते थे। प्रियंका गांधी वाड्रा को भी जब यूपी की सचिव बनाया गया था तब सिंधिया उनके साथ हर जगह मौजूद रहे थे। मंगलवार को जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चिट्ठी जारी कर कांग्रेस से इस्तीफा दिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी। सिंधिया के जाने के साथ ही उनके 22 विधायक समर्थक भी पार्टी छोड़कर चले गए।

सिंधिया ने इस्तीफे वाली चिट्ठी में लिखा था कि पिछले एक साल में उनके साथ पार्टी में जो बर्ताव किया गया, उसका ही नतीजा ही वह कांग्रेस को अलविदा कह रहे हैं। वहीं सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने विधायकों को सुरक्षित कर रही है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर भेज दिया है, तो वहीं भाजपा ने अपने 106 विधायकों को गुरुग्राम ले आई है।

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