Holi Date 2020: आज है होलिका दहन, 10 मार्च मंगलवार को खेली जाएगी रंगवाली होली

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Holi Date 2020: रंगों का त्योहार होली भाईचारे और आपसी प्रेम को बढ़ाने वाला त्योहार है। इस दिन लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर अपना प्रेम प्रदर्शित करते हैं और मिठाई तथा पकवान से मुंह मिठा कराते हैं, ताकि मन में जो कड़वाहट हो, वो इस होली के त्योहार पर निकल जाए। होली के त्योहार में होलिका दहन और रंगवाली होली यानी धुलण्डी का विशेष महत्व है। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष होलिका दहन 09 मार्च और रंगवाली होली यानी धुलण्डी 10 मार्च को मनाई जाएगी।

होली मुहूर्त 2020

होलिका दहन का मुहूर्त: फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 09 मार्च दिन सोमवार को तड़के 03 बजकर 03 मिनट पर प्रारंभ हो रही है, जो 09 मार्च की देर रात 11 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 02 घण्टे 26 मिनट तक ही है। 09 मार्च को शाम 06 बजकर 26 मिनट से रात 08 बजकर 52 मिनट के मध्य होलिका दहन करना शुभ रहेगा। होलिका दहन वाले दिन को छोटी होली भी कहते हैं।

होलिका दहन के साथ होलाष्टक समाप्त

होलिका दहन करने के साथ ही 08 दिनों का होलाष्टक समाप्त हो जाएगा। होली से पूर्व के 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। इस बार होलाष्टक 03 मार्च से प्रारंभ हो चुका है, जो होलिका दहन तक रहेगा। होलाष्टक के 8 दिनों की गणना के लिए हिन्दू कैलेंडर की तिथियों का प्रयोग किया जाता है, न कि अंग्रेजी कैलेंडर के दिनों का।

रंगवाली होली या धुलण्डी: 09 मार्च दिन सोमवार की रात होलिका दहन करने के बाद उसके अगले दिन 10 मार्च मंगलवार को रंगवाली होली या धुलण्डी खेली जाएगी। रंगवाली होली के दिन लोग एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाएं, साथ ही शुभकामनाएं देंगे।

लट्ठमार होली

होली का उत्सव तो मथुरा, वृंदावन और बरसाने में ही देखने को मिलती है। बरसाने की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आनंद ही अलग है। इसे देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। लट्ठमार होली में नंदगांव के ग्वाल-बाल गोपियों के साथ होली खेलते हैं और राधारानी के मंदिर में ध्वजारोहण करते हैं। गोपियां बरसाने में अबीर-गुलाल और लाठियों से ग्वाल-बाल का स्वागत करती हैं, वहीं ग्वाल-बाल अपनी सुरक्षा के लिए मजबूत ढाल लेकर आते हैं।

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