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भव्य कलश यात्रा के साथ माता वैष्णों देवी मंदिर का 32वां वार्षिकोत्सव शुरू रामगढ़ में मनाया गया 74 वां गणतंत्र दिवस, विभिन्न कार्यालयों द्वारा निकाली गई झांकी माँ की ममता से दूर जेल में बंद पूर्व विधायक मामता देवी का दूधमुहा बच्चा बीमारी की गिरफ्त में । माता वैष्णों देवी मंदिर के 32वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 26 को सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर याद किए गए नेताजी, रामगढ़ से जुड़ा है नेताजी के कई लम्हो का नाता । स्वीप के तहत जिला प्रशासन एकादश एवं दिव्यांग एकादश के बीच हुआ क्रिकेट मैच का आयोजन । नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती एवं पराक्रम दिवस के अवसर पर माल्यार्पण कार्यक्रम का हुआ आयोजन । रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती विद्या मंदिर में संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन। मेदांता रांची द्वारा अधिवक्ता संघ परिसर में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर । रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों की हुई बैठक ।

भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने मांगा पार्टी नाम का सुझाव, लोगों ने जमकर किया ट्रोल…

लखनऊ: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने लोगों से पार्टी के नाम का सुझाव मांगा है। चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जय भीम साथियों..आप सभी को पता है कि हमारे संघर्षों को एकजुट कर 15 मार्च को हम एक राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे है आप सभी साथियों से अपील है कि नाम के लिए सुझाव दें।’’

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पार्टी के नाम का सुझाव मांगने पर लोगों ने चंद्रशेखर आजाद को जमकर ट्रोल किया। कुछ लोगों ने उन्हें कोशा तो कुछ ने पार्टी के नाम भी सुझाए। गौरतलब है कि 15 मार्च को है मान्यवर कांशीराम का जन्मदिन है। इसी दिन चंद्रशेखर आजाद अपनी पार्टी का ऐलान करेंगे।

कौन हैं कांशीराम?
कांशीराम (15 मार्च 1934- 9 अक्टूबर 2006) भारतीय राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उन्होंने भारतीय वर्ण व्यवस्था में अछूतों और दलितों के राजनीतिक एकीकरण तथा उत्थान के लिए कार्य किया। इसके अन्त में उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति (डीएसएसएसएस), 1971 में अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदायों कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) और 1984 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और दलित राजनीति के सबसे बडे नेता थे। दलितों के उत्थान की छटपटाहट और उनके हाथ में सत्ता होने का सपना देखने वाले कांशीराम ने ही मायावती की क्षमता को पहचाना और उन्हें राजनीति में आने को प्रेरित किया। मृत्यु से कुछ महीने पहले कांशीराम में मायावती को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का 4 बार मुख्यमंत्री रहीं  मायावती इस समय बसपा की अध्यक्ष हैं।

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