भाजपा सरकार के समय भूख से माैत पर खूब हल्ला मचाता था विपक्ष, अब हेमंत सरकार बता रही सब ठीक-ठाक

धनबाद। ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। रघुवर दास के नेतृत्व में झारखंड की भाजपा सरकार को विदा हुए अभी दो माह ही तो बीते हैं-जनवरी और फरवरी। भाजपा सरकार की जिन नीतियों को लेकर झामुमो, कांग्रेस, राजद और तमाम विपक्षी दल रोज-रोज हमला बोलते थे। झारखंड में कथित भूख से माैत को लेकर तो हर माह किसी न किसी जिले में वितंडा खड़ा होता था। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता भी दाैड़े चले आते थे। अब जब झारखंड में भाजपा विपक्ष में है और हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झामुमो गठबंधन की सरकार चल रही है तो सब कुछ ठीक-ठाक लगने लगा है। झारखंड विधानसभा में सरकार ने जवाब दिया है कि पिछले पांच साल में एक भी व्यक्ति की भूख से माैत नहीं हुई है।

भाकपा (माले) के विधायक विनोद सिंह ने झारखंड विधानसभा में सवाल पूछा था- क्या यह बात सही है कि गत पांच वर्षों में राज्य में एक दर्जन से ज्यादा माैत भूख एवं कुपोषण से हुई है, जिन्हें राशन सुचारु रूप से नहीं मिल पाता था। इसका जवाब राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री रामेश्वर उरांव ने दिया है। उन्होंने लिखित जवाब में माैत की बात को अस्वीकार किया है। बगोदर के विधायक विनोद सिंह कहते हैं, झारखंड में भूख एवं कुपोषण एक बड़ी समस्या है। यह हमें स्वीकार करना चाहिए। लेकिन, दिक्कत यह है कि सत्ता में बैठने वालों का चीजें देखने का नजरिया बदल जाता है। यही कारण है कि सरकारें बदलती रहती हैं लेकिन समस्याएं अपनी जगह पर बनी रहती हैं।

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