पीएम मोदी किसी होली मिलन समारोह में नहीं होंगे शामिल, भारत में Coronavirus के 6 मामलों की पुष्टि
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस साल होली न मनाने का फैसला किया है। ये सभी किसी भी होली मिलन समारोह में भी शामिल नहीं होंगे। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इन्होंने यह निर्णय लिया है। बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के 28 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने इसकी जानकारी दी है। ऐसे में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने होली मिलन समारोह में शामिल न होने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा- दुनियाभर के विशेषज्ञों ने COVID-19 कोरोना वायरस को फैसले से रोकने के लिए सामूहिक समारोहों को कम करने की सलाह दी है। इसलिए, इस साल मैंने किसी भी होली मिलन कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। बता दें कि पूरे विश्व में लगभग 3000 से ज्यादा लोगों की इससे मौत हो चुकी है। भारत में भी अब तक कोरोना वायरस से जुड़े 6 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस बार होली मिलन समारोह से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस समय पूरा विश्व कोरोना वायरस से जंग लड़ रहा है। भारत में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग कोरोना वायरस को फैसले से रोकने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। इस ध्यान में रखते हुए मैंने निर्णय लिया है कि होली नहीं खेलेंगे। हम कोई भी होली मिलन समारोह आयोजित नहीं करेंगे और न ही किसी ऐसे समारोह में शामिल होंगे। सुरक्षित रहिए, स्वस्थ रहिए। इसके साथ ही जेपी नड्डा ने सभी भाजपा प्रदेश अध्यक्षों को भी होली मिलन समारोह आयोजित न करने के लिए कहा है।
उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस साल होली न मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने भी इस साल कोरोना वायरस और दिल्ली में हुई हिंसा की वजह से होली न मानने का फैसला लिया है। दिल्ली में हुई हिंसा में काफी लोग मारे गए हैं, कई घर और दुकानें भी राख हो गई हैं। लोग इस समय काफी दर्द में हैं। ऐसे में न ही मैं और न ही आम आदमी पार्टी का कोई मंत्री व विधायक होली मनाएगा।
इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया, ‘कोरोना वायरस (COVID-19) को लेकर तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। कई मंत्रालय और राज्य इस मामले पर एक साथ काम कर रहे हैं। भारत आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग हो रही है और चिकित्सा सुविधाएं भी दी जा रही हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हमें इससे लड़ने के लिए एक साथ काम करना होगा, कुछ अहम कदम सभी को उठाने होंगे जिससे सावधानी बरती जाए।’
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी लगातार राज्य सरकारों के संपर्क में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोरोना वायरस से ग्रसित नए मरीजों के सामने आने के बाद सरकार इसे फैलने से रोकने की हर संभव कोशिश में जुटी है। इसके तहत वायरस से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले एक-एक व्यक्ति और फिर उन व्यक्तियों के संपर्क में आने वालों तक निगरानी रखी जा रही है। उनमें से किसी में भी वायरस से संक्रमण की आशंका पाए जाने पर उन्हें अलग-थलग बार्ड में विशेष निगरानी में रख दिया गया है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर जिला व स्थानीय प्रशासन तक की ईकाई को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि निगरानी की पूरी कड़ी को बरकरार रखा जा सके।
गौरतलब है कि अब तक पूरे विश्व में 3000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 90 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि, चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है और उसका असर भी देखने को मिल रहा है।