बसपा नहीं इस पार्टी के साथ यूपी का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं चंद्रशेखर आजाद

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लखनऊ-भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाला विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। राजभर ने सोमवार को पत्रकारों से कहा ‘‘ हम दोनों का प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है। दोनों दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की लड़ाई साथ मिलकर लड़ेंगे। 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा गठबंधन ‘भागीदारी संकल्प मोर्चा’ के अंतर्गत दलितों शोषितों की आवाज बुलंद की जायेगी। ”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में अमन चैन नहीं चाहती बल्कि उसका मकसद रहता है कि लोग आपस में लड़े जिससे उसके राजनीतिक हितों की पूर्ति हो सके। ‘‘ हम विधानसभा में भीम आर्मी और दलित पिछड़ों के शोषण की बात उठायेंगे। ” वीआईपी गेस्ट हाउस में दोनो नेताओं के बीच करीब एक घंटा बातचीत हुयी। भीम आर्मी प्रमुख पहले ही 15 मार्च को नयी राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर चुके हैं। इससे पहले चंद्रशेखर को चौक टावर पर आयोजित सीएए विरोधी प्रदर्शन में भाग लेने की अनुमति नहीं मिली।

गौरतलब है कि राजभर योगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हे लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार से बर्खास्त किया गया था। इस बीच चंद्रशेखर ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविदास मंदिर में माथा टेका और दलित संत की पूजा अर्चना की। बाद में उन्होने दलित छात्रों से मुलाकात की। भीम आर्मी के एक कार्यकर्ता ने बताया कि उनके नेता के साथ पुलिस केवल इसलिये मौजूद रही कि वे कहीं सीएए विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा न ले सकें।

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