Logo
ब्रेकिंग
Royal इंटरप्राइजेज के सौजन्य से Addo ब्रांड के टेक्निकल मास्टर क्लास का रामगढ़ में आयोजन | रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न । रामगढ़ एसपी ने पांच पुलिस निरीक्षकों को किया पदस्थापित रामगढ़ में एक डीलर और 11 अवैध राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी पुलिस अधीक्षक के कार्रवाई से पुलिस महकमा में हड़कंप, चार पुलिस कर्मी Suspend रामगढ़ छावनी फुटबॉल मैदान में लगा हस्तशिल्प मेला अब सिर्फ 06फ़रवरी तक l

दिल्ली दंगों पर बोले अमर्त्य सेन : गहरी चिंता का विषय

बोलपुरः दिल्ली में हाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने शनिवार को कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और लोगों को धार्मिक आधार पर बांटा नहीं जा सकता। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या पुलिस अक्षम है या हिंसा से निपटने के लिए सरकार की तरफ से प्रयासों में कमी थी। प्रतीचि ट्रस्ट द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में सेन ने कहा, “मैं बहुत चिंतित हूं कि यह जहां हुई वह देश की राजधानी है और केंद्र द्वारा शासित है।

अगर अल्पसंख्यकों को वहां प्रताड़ित किया जाता है और पुलिस ‍विफल या अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रहती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा, “ऐसी खबर है कि जो लोग मारे गए या जिन्हें प्रताड़ित किया गया उनमें अधिकतर मुसलमान हैं। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, हम हिंदू और मुसलमानों को बांट नहीं सकते। एक भारतीय नागरिक के तौर पर मैं चिंता होने के अलावा कुछ और नहीं कर सकता।”

सेन ने हालांकि कहा कि वह पूरे मामले का विश्लेषण किए बगैर कोई निष्कर्ष नहीं निकाल सकते। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एस मुरलीधर का दिल्ली उच्च न्यायालय से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सेन ने संवाददाताओं से कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से उन्हें जानता हूं। सवाल उठने स्वाभाविक हैं लेकिन मैं कोई फैसला नहीं सुना सकता।”