क्रॉस लैग करके बैठने वालों के लिए बड़ी खबर, ये आदत बिगाड़ सकती है आपकी सेहत

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नई दिल्ली: बात जब बॉडी लैंग्वेज और स्टाइलिंग की आती है तो क्रॉस लैग करके बैठना कॉन्फिडैंट होने का सिंबल माना जाता है। बैठने के इस तरीके में हम सभी बहुत सहज महसूस करते हैं, लेकिन यह सहजता हमारे शरीर को बहुत अधिक नुक्सान पहुंचा सकती है क्योंकि हैल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक एक के ऊपर एक पैर रखकर बैठने से ब्लड प्रैशर और वेरिकॉज वेन्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कई हैल्थ स्टडीज में यह बात सामने आ चुकी है कि एक के ऊपर एक पैर रखकर बैठने से हमारी नव्र्स पर दबाव पड़ता है। इस कारण हमारा ब्लड प्रैशर बढ़ जाता है इसलिए बी.पी. के मरीजों को इस पोजीशन में बैठने से बचना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को बी.पी. की दिक्कत नहीं है, उन्हें भी लंबे समय तक इस पोजीशन में नहीं बैठना चाहिए। क्रॉस लैग करके बैठने से केवल ब्लड प्रैशर पर ही असर नहीं पड़ता बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी डिस्टर्ब होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप जब एक पैर के ऊपर दूसरा पैर रखकर बैठते हैं तो दोनों पैरों में ब्लड सर्कुलेशन एकसमान नहीं हो पाता है। इस कारण पैर सुन्न होने या झनझनाहट की समस्या होने लगती है।

ज्वाइंट्स में दिक्कत
एक ही जगह पर और खासतौर पर ऑफिस में कुर्सी पर 8 से 9 घंटे रोज क्रॉस लैग करके बैठने से पैरों के ज्वाइंट पेन की समस्या हो सकती है। कई बार हम समझ नहीं पाते हैं कि वॉक, एक्सरसाइज और योग करने के बाद भी हमारे ज्वाइंट्स में दर्द क्यों होता रहता है। तो इस दर्द की वजह कुछ और नहीं बल्कि हमारा क्रॉस लैग पोस्चर होता है।

लोअर बैक में दर्द
क्या आपको भी उठते-बैठते वक्त कमर के निचले हिस्से में दर्द होता है या जकडऩ का अहसास होता है? अगर इस सवाल का जवाब आप हां में दे रहे हैं तो आपको अपने बैठने के तरीके में सुधार करने की जरूरत है। आज से ही क्रॉस लैग पोजीशन में बैठना बंद कर दें।

लकवा से बचने के लिए
क्रॉस लैग करके न बैठने की एक दूसरी वजह यह भी बताई जाती है कि इस मुद्रा में लंबे समय तक बैठने पर पॉल्सी या पेरोनियल नर्व पैरालिसिस की समस्या हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति हर रोज कई घंटे इस स्थिति में बैठता है तो उसकी नव्र्स डैमेज हो सकती हैं।

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