भारत ने अमेरिका की कोरोना से निपटने की शंका की खारिज, केरल में सभी मरीज हुए ठीक

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नई दिल्लीः दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत ने  इस वायरस प्रकोप से निपटने की अपनी क्षमता पर अमेरिकी खुफिया आशंकाओं को खारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोरोनो  के वैश्विक प्रसार और सरकारों की प्रतिक्रिया की क्षमता पर निगरानी रखने वाली अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भारत के व्यापक प्रकोप से निपटने की क्षमता के बारे में चिंताओं को चिह्नित किया है । भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालांकि इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन कुछ अधिकारियों ने अमेरिका की इस शंका को  खारिज करते हुए कहा कि भारत हर आपात  स्थिति से लड़ने लिए तैयार है।

कोरोना से  निपटने के लिए चीन और जापान के एक क्रूज में फंसे भारतीयों को भी वापस लाया जा चुका है। और कोरोना वायरस के फैलने के बाद भारत आए तीन केरल के छात्र भी ठीक हो चुके हैं। इनमें इस संक्रमण से जुड़े लक्षण पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें अलग रखकर उनका उपचार किया गया था। उधर, केरल की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि हमें कोरोना वायरस से निपटने के पहले पड़ाव में हमें सफलता मिली है। तीन छात्र जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण पाए गए थे उन्हें पृथक रखा गया था उनकी हालत में सुधार है और वह बिल्कुल ठीक हैं। शैलजा ने बताया कि कुल 3,500 लोग क्वेरन्टाइन में थे जब इसकी 28 दिन की अवधि समाप्त हो गई, तब हमने उन्हें घर भेज दिया, अब 135 लोग घर में ही पृथक रूप से रह रहे हैं।

एक समाचार रिपोर्ट ने शुक्रवार को अधिकारियों के हवाले से कहा कि कोरोना का प्रकोप स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर सकता है। जबकि भारत में कुछ ही ज्ञात मामले हैं। समाचार एजेंसी रायटर ने एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी के हवाले से कहा कि भारत की घनी आबादी में कोरोना  फैलने की संभावना है जो गंभीर चिंता का विषय है।  अमेरिकी खुफिया अधिकारी के अनुसार  कोरोना से निपटने की भारत की क्षमता पर सवाल उठाए गए हैं जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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