नेता प्रतिपक्ष: बाबूलाल को लंगड़ी मार रही झामुमो-कांग्रेस, तब आशीर्वाद लेते नहीं थकते थे हेमंत

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा के तेवर सत्ताधारी दल को लेकर हमलावर होंगे।

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रांची। नेता प्रतिपक्ष के लिए बाबूलाल मरांडी के नाम पर बुरी तरह बिदक रही कांग्रेस उन्‍हें भाजपा के विधायक दल का नेता मानने को भी तैयार नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी से लेकर प्रदेश प्रवक्‍ता और नेता तक बाबूलाल को लंगड़ी मारने में लगे हैं। भाजपा में शामिल होने के पहले तक जहां झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन के नेता और मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार बाबूलाल का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे थे, वहीं अब झारखंड मुक्ति मोर्चा भी उन पर आंखें तरेर रही हैं। जेएमएम ने भी बाबूलाल के बीजेपी में जाने के बाद सख्‍त तेवर दिखाए हैं। बहरहाल सत्‍ता पक्ष की आंखों की किरकिरी बने बाबूलाल के दो पुराने सहयोगी विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के लिए कांग्रेस रेड कार्पेट बिछा रही है, लेकिन बाबूलाल उन्‍हें फूटी आंख नहीं सुहा रहे। इधर भाजपा ने विधायक दल का नेता चुनने के बाद बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने का प्रस्‍ताव विधानसभा अध्‍यक्ष रवींद्र नाथ महतो के पास भेजा है। हालांकि अभी स्‍पीकर का रुख तय नहीं हुआ है।

विधानसभा में सरकार पर हमलावर होगी भाजपा

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा के तेवर सत्ताधारी दल को लेकर हमलावर होंगे। भाजपा विधानसभा में सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएगी। गुरुवार को प्रदेश मुख्यालय में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में इस बाबत सहमति बनीं। पार्टी गिरती कानून व्यवस्था, ठप विकास कार्य और खाली खजाने की बहानेबाजी को सदन में मुद्दा बनाएगी। प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में हुई विधायक दल की बैठक में विधायक दल के नेता दीपक प्रकाश, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, विधायक सीपी सिंह समेत अन्य विधायक उपस्थित थे।

संघर्षशील एवं सकारात्मक विपक्ष की भूमिका का निर्वहन करेगी भाजपा

विधायक दल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश महामंत्री सह विधायक अनंत ओझा ने पार्टी की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि दो महीने से राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप है। सरकार ने ट्रेजरी तक मे ताले लगवा दिए हैं। जनता के बीच चुनाव में बढ़-चढ़ कर वादे करने वाले लोगों ने खजाना खाली का बहाना बनाकर अपनी कमियों को छिपाना शुरू कर दिया है। ओझा ने कहा कि हेमंत सरकार ने जनहित में चलने वाली गरीबों, किसानों, महिलाओं से संबंधित योजनाओं को बंद करना शुरू कर दिया।

विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति, कानून व्यवस्था, खाली खजाने की बहानेबाजी को बनाया मुद्दा

राज्य की विधि-व्यवस्था चरमरा गई है। हेमंत सरकार हत्या की सरकार बन गई है। इस सरकार में आदिवासियों की नृशंस हत्या हो रही है। संसद से पारित कानून के समर्थन में निकले समर्थन जुलूस पर हिंसक पथराव किया जाता है। आगजनी और हत्या होती है और सरकार मौन साधे बैठी रहती है। अनंत ओझा ने कहा कि पार्टी के विधायक सदन में इन सारे मुद्दों को गंभीरता से उठाएंगे। बैठक में विधायक नारायण दास, अमित मंडल, जेपी पटेल, किशुन दास, बिरंची नारायण, अमर बाउरी, अपर्णा सेन गुप्ता, राज सिन्हा, कोचे मुंडा, समरी लाल, शशिभूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रामचंद्र चंद्रवंशी, पुष्पा देवी, भानु प्रताप शाही भी उपस्थित रहे।

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