ट्रंप के भाषण पर वर्ल्ड मीडिया ने दिए जबरदस्त रिएक्शन, कहा-मोदी ने Trump के लिए उनका ‘पहला प्यार’ चुना

yamaha

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर पूरी दुनिया के मीडिया की नजर रही । इस दौरान मोटेरा स्टेडियम में दिया ट्रंप का भाषण वर्ल्ड मीडिया में छाया रहा। ट्रंप के बयान को अमेरिका के साथ पाकिस्तान और चीन ने भी हाथों हाथ लिया है। इस दौरान नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में लाखों की भीड़ को सबने तवज्जो दी है।

मोदी ने भीड़ दिखा कर जीता ट्रंप का दिल : न्यूयॉर्क टाइम्स (USA) 
अमरीकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लिखा कि दुनियाभर के नेता ट्रंप के अहंकार को संतुष्ट करने की कोशिश करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप को खुश करने के लिए उनके पहले प्यार यानी भीड़ के साइज को चुना। रिपोर्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री  मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का 1.10 लाख लोगों के सामने  स्वागत किया । इस दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकियों को भारत से प्यार है। अमरीकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लिखा-ब्रिटेन के पास महारानी हैं इसलिए वे ट्रंप के लिए बकिंघम पैलेस में डिनर रखते हैं। फ्रांस में बास्तील-डे मनाया जाता है इसलिए वे अमरीकी राष्ट्रपति को मिलिट्री परेड में बुलाते हैं। जापान में राजशाही है इसलिए वे ट्रंप को आमंत्रित करते हैं और साथ ही सूमो मैच दिखाने भी ले जाते हैं। इसी क्रम में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप को खुश करने के लिए उनके पहले प्यार को चुना यानी भीड़ का साइज। अहमदाबाद में ट्रंप के कार्यक्रम में 1 लाख से ज्यादा लोग आए। करीब इतने ही लोग एयरपोर्ट से लेकर मोटेरा स्टेडियम के बीच उनके रोड शो के दौरान मौजूद रहे।

’ट्रंप को  CAA का मुद्दा उठाने का नैतिक अधिकार नहीं:‘ अलजजीरा (UAE)
खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख टी.वी. चैनल ‘अलजजीरा’ ने अपनी वैबसाइट पर विश्लेषकों के हवाले से लिखा-मोदी अपनी पर्सनल कैमिस्ट्री के जरिए दोनों देशों के बीच चल रहे ट्रेड डिफरैंस खत्म करना चाहेंगे। ट्रंप कई मौकों पर कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता कर चुके हैं और इस दौरे में वह कश्मीर मुद्दे को भी उठा सकते हैं। इसके साथ ही धार्मिक आजादी का मुद्दा भी उठ सकता है। पूर्व डिप्लोमेट कंवल सिब्बल कहते हैं कि ट्रम्प के पास धार्मिक आजादी या माइनॉरिटी राइट्स पर भारत से सवाल करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। अगर ट्रंप सी.ए.ए. का मुद्दा उठाते भी हैं तो भारत इसका विरोध जरूर करेगा। ट्रंप खुद ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने कुछ देशों के मुसलमानों की अमरीका में एंट्री पर प्रतिबंध लगाया है। क्या वह खुद एंटी-मुस्लिम व एंटी-इस्लाम नहीं हैं? क्या उन्हें कोई नैतिक अधिकार है कि वह हमें बताएं कि क्या सही है और क्या गलत?

मोदी और ट्रंप दोनों मुस्लिम विरोधी, दुनिया को दिया बड़ा संदेश  : CNN  (अमेरीका)
अमरीकी चैनल ‘सीएनएन.’ का कहना है कि अमरीका और भारत के बीच इन दिनों व्यापारिक मुद्दों को लेकर तमाम मतभेद हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मैगा शो आयोजित कर पूरी दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। वह भी तब, जब मोदी खुद कई फैसलों को लेकर देश ही नहीं दुनियाभर में तमाम विरोधों का सामना कर रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी कड़े फैसले लेने के इसी मोदी मॉडल को राष्ट्रपति ट्रंप और उनके जैसे दुनिया के तमाम बड़े नेता काफी पसंद करते हैं। ट्रंप कई बार इसकी तारीफ  भी कर चुके हैं। मोदी और ट्रंप में कई समानताएं भी हैं। दोनों मुस्लिम विरोधी फैसले लेने के लिए भी जाने जाते हैं। दोनों ही अपने तीव्र अंदाज से विरोधियों को शांत करने के लिए जाने जाते हैं। मीडिया द्वारा कड़ी आलोचना के बावजूद बड़े फैसले लेना और दुनिया में एक शक्तिशाली नेता के तौर पर खुद को पेश करना भी दोनों को पसंद है।

 भारत दौरे में पांच बातों पर फोकस कर सकते हैं ट्रंप :  BBC  (ब्रिटेन)
BBC वर्ल्ड ने ट्रंप के भारत दौरे का पांच बिंदुओ में विश्लेषण किया। इसमें भारतवंशियों के वोट, ट्रेड डील, चीन फैक्टर, रक्षा और मोदी-ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्ते शामिल हैं।

अमेरिका फर्स्ट’ बनाम ‘मेक इन इंडिया’ की लड़ाई :  डॉन (पाकिस्तान)
भारत में रैली में ट्रंप : अमेरिका के पाकिस्तान के साथ बहुत अच्छे रिश्ते, क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई। पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने भारत और अमरीका के बीच ट्रेड डील विवाद को ‘अमेरिका फर्स्ट’ बनाम ‘मेक इन इंडिया’ की लड़ाई बताया।

तनाव में कमी को लेकर आशावानःद एक्सप्रेस ट्रिब्यून  (पाकिस्तान)
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून  की रिपोर्ट में पहले ही पैरे में कहा गया कि ट्रंप ने एक लाख लोगों की मौजूदगी में कहा कि हमारे संबंध पाकिस्तान से बहुत अच्छे हैं। इससे लगता है कि ट्रंप भारत-पाक तनाव में कमी को लेकर आशावान हैं।

ट्रंप की चाल से मोदी को अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता बचानी होगीः ग्लोबल टाइम्स  (चीन)
चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने मोदी सरकार को ट्रंप के दौरे को लेकर आगाह भी किया है। चीन की सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि ट्रंप ने भारत का दौरा नहीं किया था, जबकि भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका का दो बार दौरा कर चुके हैं। ऐसे में भारत को असंतुलन महसूस होता रहा होगा।

raja moter
Leave A Reply

Your email address will not be published.