जेपी नड्डा के दौरे के बहाने शिअद के गढ़ में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, निशाना 2022 चुनाव

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गुरप्रेम लहरी। बादल परिवार की बहू व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के संसदीय क्षेत्र बठिंडा में भाजपा के राष्ट्रीय प्रधान जेपी नड्डा के स्वागत के बहाने भाजपा ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। बठिंडा से मुक्तसर के गांव बादल नड्डा का दस जगह भव्य स्वागत किया गया। गांव बादल पहुंच नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से उनके आवास पर 20 मिनट बंद कमरे में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के अलावा और कोई नेता साथ नहीं था। यहां तक कि प्रदेश प्रधान अश्विनी कुमार को भी कमरे से बाहर जाने के लिए बोल दिया गया।

बादल से मुलाकात के बाद बोले भाजपा अध्यक्ष-शिअद परखा हुआ दल, राजनीति से पहले पारिवारिक रिश्ता

मुलाकात के बाद नड्डा ने बाहर आकर कहा कि वे बादल को अपने बेटे की शादी का निमंत्रण देने ही आए थे। मुलाकात के दौरान कोई भी सियासी बातचीत नहीं हुई। जहां तक राजनीति का सवाल है तो शिरोमणि अकाली दल हमारा बहुत पुराना परखा हुआ राजनीतिक दल है। शिअद व भाजपा दोनों एनडीए को मजबूत करने में लगे हैं।

नड्डा ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल से मेरा आज का नहीं बल्कि बहुत पुराना नाता है। यह रिश्ता युवा काल से है। जब मैं छात्र राजनीति में था तब से बादल का आशीर्वाद मुझ पर है।  पंजाब का प्रभारी था तब भी उनके साथ मजबूती से काम किया। बादल से हमारा सिर्फ सियासी रिश्ता नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ता भी है। जब भी हम मिलते हैं तो सामाजिक बदलाव करने के बारे में सोचते हैं। जब उनसे पूछा गया कि 2022 के चुनाव गठबंधन में लड़ेंगे या अलग-अलग तो उन्होंने बात टालते हुए कहा कि सबसे पहले हमारा कर्तव्य है कि एनडीए आगे बढ़े।

अश्विनी शर्मा ने शक्ति प्रदर्शन से दिखाई भाजपा की अहमियतपहले भी प्रदेश भाजपा ने अपने सदस्यता अभियान की शुरुआत बादल के विधानसभा हलके लंबी से ही की थी। उस समय शिअद व भाजपा नेताओं में काफी खींचतान हुई थी। अब दोनों दलों में चल रहे विवाद में कहीं न कहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने नड्डा के शक्ति प्रदर्शन के जरिये यह संदेश बादलों को दिया है कि भाजपा को कम न आंका जाए।

उधर,अहम पहलू यह भी रहा कि नड्डा ने बादल से मुलाकात तब कि जब नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर अकाली दल के सुर अलग हैं। पिछले दिनों राजासांसी में बादल बिना केंद्र सरकार का नाम लिए कह चुके हैं कि शिअद सीएए में मुसलमानों को भी शामिल करने के पक्ष में है। उन्होंने सभी सहयोगी पार्टियों को साथ लेकर चलने की भी नसीहत भी दी थी।

54 किलोमीटर के रास्ते में न अकाली वर्कर न झंडा

जेपी नड्डा बठिंडा एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के रास्ते गांव बादल पहुंचे। 54 किलोमीटर के रास्ते में दस जगहों पर नड्डा का स्वागत हुआ। हर जगह वे पांच मिनट तक रुके। स्वागत के मौके कोई अकाली वर्कर दिखाई नहीं दिया। यहां तक कि अकाली झंडे भी नहीं थे। नड्डा जब गांव बादल पहुंचे तो वहां भी कोई अकाली नेता या वर्कर नहीं दिखाई दिया। खुद हरसिमरत कौर बादल भी नहीं पहुंची।

श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए नड्डा

गांव बादल के बाद नड्डा अमृतसर पहुंचे और यहां भी उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुग्र्याणा तीर्थ में माथा टेका आशीर्वाद भी लिया।

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