कोल्ड स्टोर से अमोनिया लीक, 40 लोग हुए बेसुध, विधायक ने हिम्‍मत दिखाकर गैस वाल्‍ब बंद की

हवा में अमोनिया की उच्च सांद्रता का एक्सपोजर नाक, गले और श्वास नली के जलने का कारण बनता है।

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शाहाबाद (कुरुक्षेत्र)। शाहाबाद-नलवी रोड पर मारकंडा-नलवी ओवरब्रिज के पास स्थित हरगोबिंद कोल्ड स्टोर से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। रिसाव इतना ज्यादा था कि कोल्ड स्टोर के पास से मोटरसाइकिलों से गुजर रहे लोग बेसुध होकर सड़क पर गिर गए। लोगों ने वहां से भागकर जान बचाई। आसपास बसे लोगों में भी भगदड़ मच गई। करीब 40 लोग बेसुध हो गए। इस कोल्ड स्टोर में आलू का स्टॉक रखा जाता है।

विधायक रामकरण काला अंदर घुसे और बंद किया वाल्व, शाहाबाद के हरगोबिंद कोल्ड स्टोर में हादसा

घटना देर रात हुई। विधायक रामकरण काला अपनी जान की परवाह न करते हुए कोल्ड स्टोर में गए और वाल्व को बंद किया। तब जाकर गैस पर नियंत्रण हुआ। गैस का रिसाव कैसे हुआ, इसका पता नहीं चल सका है।सूचना मिलते ही तहसीलदार टीआर गौतम व शहरी चौकी प्रभारी सुनील वत्स मौके पर पहुंचे। गैस का प्रभाव बढ़ते देख मारकंडेश्वर मंदिर के सामने नाका लगाकर नलवी रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। वहीं गांव नलवी के पास भी नाका लगाकर यातायात को बंद कर दिया गया।

पुलिस ने तुरंत प्रभाव से फायरब्रिगेड की गाडिय़ों व एंबुलेंस को मौके पर बुलाया। सरकारी अस्पताल व हेल्पर्स की टीम ने गैस से प्रभावित हुए लोगों को वहां से निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। करीब 40 से 50 लोग इससे प्रभावित हुए, जिन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। गनीमत है कि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहाबाद के विधायक रामकरण काला भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन के साथ गैस लीकेज को बंद करने का प्रबंध करने पर लगे रहे।

तहसीलदार टीआर गौतम ने बताया कि मंगलवार को रात आठ बजे गैस का रिसाव शुरू हुआ था। कुछ ही क्षणों में गैस का प्रभाव बढ़ गया। गैस रिसाव को रोकने के लिए तकनीकी एक्सपर्ट से संपर्क किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र व अन्य स्थानों से फायरब्रिगेड की गाडिय़ां मंगवाई गईं।  फायरब्रिगेड कर्मचारी रवींद्र सिंह भी बेसुध हो गया। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया।

पांच किलोमीटर तक थी गैस की दुर्गंध

अमोनिया गैस की दुर्गंध करीब 5 किलोमीटर के क्षेत्र तक फैली थी। शाहाबाद के मारकंडेश्वर मंदिर तक और दूसरी तरफ गांव कलसानी तक गैस रिसाव का प्रभाव था। मौके पर करीब एक घंटे में 20 से अधिक फायरब्रिगेड गाडिय़ों ने पानी डालकर स्थिति को कंट्रोल करने का प्रयास किया था।

जान भी जा सकती है

माना जा रहा है कि थोड़ी सी भी ज्यादा मात्रा में अमोनिया सूंघने पर जान जा सकती है। हवा में अमोनिया की उच्च सांद्रता का एक्सपोजर नाक, गले और श्वास नली के जलने का कारण बनता है। यही नहीं केंद्रित अमोनिया समाधान जैसे औद्योगिक क्लीनर के साथ संपर्क त्वचा की जलन, स्थायी आंख क्षति या अंधापन सहित संक्षारक चोट का कारण बन सकता है।

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