Coronavirus: कोरोना वायरस से पीड़ित चीन की तरफ भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

हमारे पास संसाधनों की और कौशल की कभी कमी नहीं रही है, बस एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है।

yamaha

वाराणसीः उत्तर प्रदेश डिजाइन संस्थान में “काशी एक, रूप अनेक’’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। दीनदयाल हस्तकला संकुल में हस्त शिल्प उत्पादकों से जुड़े दो दिवसीय कार्यक्रम में पीएम मोदी विभिन्न देशों से आने वाले खरीरदारों और कारीगरों से संवाद किया।

पीएम मोदी ने कहा कि काशी में ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है। सबसे पहले मैं अध्यात्म के कुंभ में था। फिर मैं आधुनिकता के कुंभ में गया, बनारस के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अब मैं एक प्रकार से स्वरोजगार के कुंभ में पहुंच गया हूं। यहां भांति-भांति के कलाकार, शिल्पकार एक ही छत के नीचे हैं। एक-एक धागे को जोड़कर, मिट्टी के एक-एक कण को घटकर, बेहतरीन निर्माण करने वालों के साथ, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों को चलाने वाले, एक ही छत के नीचे बैठे हैं।

उन्होंने कहा कि सच में, काशी एक है, लेकिन उसके रूप अनेक हैं। भारत की हमेशा से ही ये शक्ति रही है कि यहां के हर क्षेत्र, हर जिले की पहचान से कोई ना कोई विशेष कला, विशेष आर्ट और विशेष उत्पाद जुड़ा रहा है। ये सदियों से हमारे वहां परंपरा रही है। हमारे कारोबारियों, व्यापारियों ने इसका प्रचार दुनियाभर में किया है।

मोदी ने कहा कि हमारे पास संसाधनों की और कौशल की कभी कमी नहीं रही है, बस एक व्यापक सोच के साथ काम करने की जरूरत है। जरूरत बस इस कहानी को दुनिया तक पहुंचाने की है। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।

बनारस और भदोही की कारपेट, सिल्क साड़ी, चंदौली का काला चावल, लकड़ी के खिलौने, फिरोजाबाद का कांच, आगरा के जूते, लखनऊ के चिकन कारीगरी, गुलाबी मीनाकारी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद की धातु आदि कुल 26 जीआई उत्पाद का पीएम ने अवलोकन किया। साथ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, राज्यमंत्री उदयभान सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर और उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की अध्यक्षा क्षिप्रा शुक्ल ने अवलोकन किया।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने 5 युवओं को जॉब लेटर दिया। ये पांचों युवक कौशल महोत्सव में सेलेक्ट हुए थे। इस कार्यक्रम करीब 25 पोडक्टस की प्रदर्शनी लगाई गई है।

यह देश का पहला ऐसा कार्यक्रम है जिसमें 10 हजार से अधिक बुनकर-कारीगर शामिल हुए और अपनी कला पूरी दुनिया को दिखाई। संस्थान का कहना है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में न सिर्फ बुनकरों को बेहतर स्किल, बल्कि बेहतर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही, इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के ‘न्यू इंडिया’ की परिकल्पना भी सिद्ध होगी। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की झलक भी देखने को मिलेगी।

“काशी एक, रूप अनेक’’ दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने वाले इंटरनेशनल बायर्स की ओर से टेक्निकल सेशन एवं नॉलेज कान्क्लेव किया जाएगा। इस सेशन में कारीगरों को नए डिजाइन की महत्ता, कलर कॉम्बिनेशन के बारे में बताया जाएगा। कारीगरों व शिल्पियों को अपने उत्पाद की बेहतरीन तस्वीरें खींचने का गुर सिखाया जाएगा ताकि ऑनलाइन बाजार में वे अपने उत्पाद का अच्छा प्रेजेंटेशन कर सकें।

raja moter
Leave A Reply

Your email address will not be published.