इंकैब की नीलामी के लिए कंपनी गेट पर चस्पां किया नोटिस, कंपनी में प्रवेश पर पाबंदी

इंकैब को बचाने के लिए इंकैब संयुक्त मोर्चा एनसीएलटी के इस फैसले के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) में याचिका दायर करेगा।

जमशेदपुर। सालों से बंद इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केबुल कंपनी) की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केबुल कॉलोनी स्थित कंपनी के मुख्य द्वार पर इस बाबत नोटिस चस्पां कर दिया गया। नोटिस में सात फ रवरी का हस्ताक्षर है। नोटिस के अनुसार कंपनी नीलामी में चली गयी है। अब इसमें किसी भी बाहरी के प्रवेश पर रोक है।
बकाये के लिए मांगा कागजात 
नीलामी की नोटिस में लिखा है कि कर्मचारी अपने बकाया से संबंधित सारे कागजात प्रस्तुत कर दावा कर सकते हैं। इधर 700 से ज्यादा ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्हें आज भी उम्मीद है कि कंपनी खुलेगी और उनके पुराने दिन लौटेंगे।
विरोध में कोर्ट जायेगा मोर्चा 
इंकैब को बचाने के लिए इंकैब संयुक्त मोर्चा एनसीएलटी के इस फैसले के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनक्लैट) में याचिका दायर करेगा। मोर्चा के भगवती सिंह और कल्याण शाही ने कहा है कि वहां भी राहत नहीं मिली तो वे सर्वोच्च न्यायालय जाने से भी परहेज नहीं करेंगे। नेताओं ने कहा है कि एनसीएलटी का यह फैसला कर्मचारियों के विरोध में है। बगैर बकाया सीट देखे ही यह फैसला लेना गलत है। उसे मालूम भी नहीं है कि कंपनी की कितनी चल व अचल संपति है, क्या लेनदारी है और किसका क्या बकाया है।
वर्ष 2000 में बंद थी कंपनी
इंकैब अप्रैल 2000 में बंद हुई थी।  बंद कंपनी इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केबुल कंपनी) को दिवालिया घोषित करने का आदेश पहले ही एनसीएलटी की डबल बेंच ने दिया था। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) के आवेदन पर न्यायाधीश एमबी गोसावी और वीके गुप्ता ने यह आदेश दिया था।
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