शाह बोले, शरारती तत्वों से निपटते वक्त दिल्ली पुलिस को संयम से लेना चाहिए काम

गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस के उन पांच कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान अपनी जान गंवाई थी।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पुलिस का काम शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना होता है और वह किसी जाति अथवा धर्म को देखकर काम नहीं करती है। दिल्ली पुलिस के 73वें स्थापना दिवस समारोह पर आज आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले लोगों से निपटते वक्त दिल्ली पुलिस को संयम से पेश आना चाहिए। दिल्ली पुलिस के 73वें स्थापना दिवस पर शाह ने इसे देश और दुनिया की अग्रणी महानगरीय पुलिस बल में से एक बताया।

गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस के उन पांच कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान अपनी जान गंवाई थी। इसके अलावा आतंकवादियों के खिलाफ बटला हाउस मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर एम सी शर्मा को भी उन्होंने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शाह ने कहा कि पुलिस किसी की दुश्मन नहीं है और वह शांति की दोस्तान है और जरूरत पर मदद करती है। इसलिए पुलिस का सम्मान किया जाना चाहिए। शाह ने पुलिस को उपद्रवियों की तरफ से निशाना बनाने को गलत बताते हुए कहा कि पुलिस का काम शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है और वह बिना किसी जाति या धर्म को देखकर काम नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के लिए यह गर्व का विषय है कि इसकी शुरुआत देश के लौह पुरुष सरदार पटेल ने की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल में सकारात्मक टिप्पणी से दिल्ली पुलिस के प्रत्येक कर्मी को अभीभूत होना चाहिए। गृहमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद 35 हजार से अधिक पुलिस जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिया है। प्रधानमंत्री ने पुलिसकर्मियों के बलिदान को हमेशा याद रखने के लिए दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक बनवाया। यह पुलिसकर्मियों के बलिदान का प्रमाण है।

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्भया कोष के तहत दिल्ली पुलिस ने 112 नंबर पर स्मार्ट पुलिसिंग सेवा शुरु की है। साइबर अपराधों से लोगों की मदद के लिए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर फारेंसिग प्रयोगशाला की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हमारे लिए अनेक त्योहार होते हैं लेकिन पुलिस के लिए हर त्योहार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का मौका होता है।

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