NPR के लिए तैयारी में जुटा त्रिपुरा, राज्य में गणनाकारों का प्रशिक्षण जल्द होगा शुरू

चक्रवर्ती के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य देश में हर आम निवासी की एक पूर्ण पहचान डेटाबेस का निर्माण करना है

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अगरतला। भाजपा शासित प्रदेश त्रिपुरा नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के लिए तैयारी में लगा हुआ है। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। त्रिपुरा जनगणना विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि 16 मई से 29 जून तक एनपीआर के लिए त्रिपुरा में डेटा इकट्ठा करने के लिए लगभग 11,000 गणनाकारों का प्रशिक्षण जल्द ही शुरू होगा।

चक्रवर्ती ने समाचार एजेंसी आइएएनएस को बताया, ‘त्रिपुरा के मुख्य सचिव मनोज कुमार ने एनपीआर के लिए जानकारी एकत्र करने की योजना को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को सभी संबंधित लोगों के साथ बैठक की। यह अभ्यास जिला प्रशासन की भागीदारी के साथ किया जाएगा।’

गैर-भाजपा शासित राज्यों ने जताई आशंका 

केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई गैर-भाजपा शासित राज्यों ने अभ्यास को लेकर एनपीआर को लेकर आशंका व्यक्त की है। ये सभी वो राज्य हैं, जो यह कहते हैं कि एनपीआर, एनआरसी का एक हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे जनगणना कार्यों में सहयोग करेंगे, लेकिन एनपीआर में नहीं। केंद्र सरकार ने इससे इन्कार किया है। उसने कहा है कि दोनों का एक दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है।

एनपीआर का उद्देश्य देश में हर आम निवासी के डेटाबेस का निर्माण करना

चक्रवर्ती के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य देश में हर आम निवासी की एक पूर्ण पहचान डेटाबेस का निर्माण करना है और डेटाबेस में डेमोग्राफी के साथ-साथ बॉयोमीट्रिक विवरण शामिल होंगे। केंद्रीय कैबिनेट ने एनपीआर अभ्यास के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी।

एनपीआर एक नियमित अभ्यास

अधिकारी ने कहा कि एनपीआर एक नियमित अभ्यास है जो पहले 2010-11 में किया गया था और 2015 में अपडेट किया गया था। इस डेटा को इस वर्ष के 45 दिन लंबे (16 मई से 29 जून) अभ्यास के माध्यम से फिर अपडेट किया जाएगा। एनपीआर अभ्यास को लेकर कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी से गणनाकारों की सहयोग करने की अपील की। कांग्रेस समेत विपक्ष इसके खिलाफ है।

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