Logo
ब्रेकिंग
Income tax raid फर्नीचर व गद्दे में थीं नोटों की गड्डियां, यहां IT वालो को मिली अरबों की संपत्ति! बाइक चोरी करने वाले impossible गैंग का भंडाफोड़, पांच अपरा'धी गिरफ्तार।। रामगढ़ की बेटी महिमा को पत्रकारिता में अच्छा प्रदर्शन के लिए किया गया सम्मानित Bjp प्रत्याशी ढुल्लु महतो के समर्थन में विधायक सरयू राय के विरुद्ध गोलबंद हूआ झारखंड वैश्य समाज l हजारीबाग लोकसभा इंडिया प्रत्याशी जेपी पटेल ने किया मां छिनमस्तिका की पूजा अर्चना l गांजा तस्कर के साथ मोटासाइकिल चोर को रामगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार स्वीप" अंतर्गत वोटर अवेयरनेस को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में हुआ मतदाता जागरूकता रैली का आयोजन... *हमारा लक्ष्य विकसित भारत और विकसित हज़ारीबाग: जयंत सिन्हा* आखिर कैसे हुई पुलिस हाजत में अनिकेत की मौ' त? नव विवाहित पति पत्नी का कुएं में मिला शव l

छत्तीसगढ़: प्रेमनगर के गोदाम में प्रशासन की लापरवाही से सड़ी 16,हजार चावल की बोरियां, जांच है जारी

भारत जैसे देश में गरीबी एक बहुत बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में इसको खत्म करने के लिए लिए सरकार के तरफ से तमाम तरह के प्रयास किए जाते हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बलरामपुर के प्रेमनगर में स्थित एक गोदाम में 16,000 बोरियां चावल सड़ने की खबर है। यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने के लिए रखा गया था, लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम की लापरवाही से यह अनाज सड़ गया। फिलहाल चावल का अभी पुनर्नवीनीकरण किया जा रहा है। वहीं एससडीएम बालेश्वर राम ने बताया कि इस पूरे मामले की छानबीन की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अभी इस पूरे मामले पर किसी भी प्रकार का बयान देना सही नहीं होगा बाकी इस मामले पर कुछ लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जिला कलेक्टर इस पूरे मामले का फैसला लेंगे। मैं यहां पर यह जानने आया हुं कि रायुपर की जांच टीम इस स्थान पर पहुंचे।

टीम इस मामले में लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई है। मीडिया रिपोर्ट से मुताबिक, चावल सड़ कर मिट्टी बन गया था, लेकिन पिर भी चावल के बचे हुए टुकड़ों को गरीबों तक पहुंचाने का कार्य चल रहा था। बता दें कि इस सड़े चावल को गरीबों में बांटने के लिए पहले गोदामों में भेजा गया, उसके बाद राशन की दुकानों पर पहुंचाया जाता है।

गौरतलब है कि हमारे देश में भरपुर मात्रा में खाना ना मिलने के चलते ना जाने कितने लोगों की मौतें होती है। यही नहीं कुपोषण जैसी बीमारी भी खाना ना मिलने के चलते जन्म लेती है। ऐसे में 14 हजार बोरियां का चावल सड़ना बहुत बड़ा प्रश्न उठाता है। भारत जैसे देश में गरीबी एक बहुत बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में इसको खत्म करने के लिए लिए सरकार के तरफ से तमाम तरह के प्रयास किए जाते हैं। आज भी लोग फुटपाथ पर सोने पर मजबूर है। यही नहीं आज भी हमारे देश में ना जाने कितने लोग है कि जो भरपेट खाना खाए बिना सोते हैं।