Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी काउंसिल में विचार-विमर्श को तैयार सरकार, मुद्दा उठाएं राज्य: सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में अगर राज्य पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का मसला उठाते हैं, तो वे चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मंगलवार को लोकसभा में वित्त विधेयक पर जवाब के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सिर्फ केंद्र ही नहीं, राज्य भी पेट्रोल व डीजल पर टैक्स वसूलते हैं। इसलिए राज्यों को भी टैक्स घटाना होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र को अगर 100 रुपये टैक्स से मिलते हैं तो उनमें से 41 रुपये राज्यों को दिए जाते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि ईधन टैक्स को लेकर इतनी बातें हो रही हैं, राज्य भी इसे देख रहे होंगे। ऐसे में अगर राज्यों की तरफ से जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का मुद्दा उठता है तो वे इस पर विचार-विमर्श के लिए तैयार हैं। जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे को लाना राज्यों पर निर्भर करता है।

पेट्रोल व डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से राहत के लिए पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। हाल ही में वित्त मंत्री ने कहा था कि पेट्रोल व डीजल को जीएसटी की परिधि में लाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। पिछले महीने देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल की खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार चली गई थी।

वित्त विधेयक के जवाब के दौरान सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि बजट में जो एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस लगाया गया है, उससे मिलने वाली पूरी राशि राज्यों को दी जाएगी। इससे फार्मयार्ड, मार्केटिंग यार्ड जैसे कृषि संबंधित बुनियादी ढांचों का विकास राज्यों में किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि बैंक व बीमा क्षेत्र में सरकारी कंपनियां रहेंगी और इस क्षेत्र के सभी सरकारी उपक्रमों का निजीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के विनिवेश में देश के खुदरा निवेशक हिस्सा लेंगे। इसलिए एलआइसी के विनिवेश का विदेशी निवेश से कोई मतलब नहीं है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की वित्तीय व्यवस्था के लिए डीएफआई के गठन पर उन्होंने सदन को बताया कि नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 7,000 परियोजनाएं हैं और इन्हें पूरा करने के लिए संसाधन की जरूरत है। कॉमर्शियल बैंक इतने लंबे समय के लिए इन परियोजनाओं के लिए कर्ज नहीं दे सकते हैं। इसलिए डीएफआइ के निवेशकों को सरकार टैक्स में छूट देना चाहती है।