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फरवरी में कंपनियों के पंजीयन में 35 फीसद का इजाफा, कोरोना काल के बावजूद कारोबारी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली। कोरोना काल के बावजूद कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की रफ्तार जारी है। इस साल फरवरी महीने में पंजीकृत होने वाली कंपनियों की संख्या में पिछले साल फरवरी के मुकाबले 35 फीसद का इजाफा हुआ है। कारपोरेट कार्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल फरवरी में 14,094 कंपनियों के पंजीयन किए गए जबकि पिछले साल फरवरी में पंजीकृत होने वाली कंपनियों की संख्या 10,429 थी। कोरोनावायरस और उसे रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियों में आई कमी के बावजूद कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में यह उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जुलाई से कंपनियों के पंजीयन में तेजी आई थी और उसके बाद से इस साल जनवरी को छोड़कर हर महीने नई कंपनियों के पंजीयन की संख्या पिछले साल के मुकाबले अधिक रही। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पंजीकृत होने वाली कंपनियों में अधिकतर हिस्सेदारी निजी कंपनियों की है। इस साल फरवरी महीने में पंजीकृत होने वाली 14,094 कंपनियों में से 13,809 निजी कंपनियां हैं। इनमें से 765 कंपनियां एक आदमी वाली हैं।

आगामी पहली अप्रैल से एक आदमी वाली कंपनियों को कई सुविधाएं मिलने जा रही हैं। मंत्रालय के नए नियम के मुताबिक, एक आदमी वाली कंपनी को कंपनी में सदस्य व निदेशकों की संख्या बढ़ाकर निजी या सार्वजनिक कंपनी में बदला जा सकता है। पहले एनआरआइ एक आदमी वाली कंपनी से नहीं जुड़े सकते थे, लेकिन अब विदेश में रहने वाला कोई भी भारतीय नागरिक एक आदमी वाली कंपनी में शामिल हो पाएगा। पहले एनआरआइ को भारत का निवासी मानने के लिए उन्हें 182 दिन भारत में रहना पड़ता था, अब इस सीमा को कम करके 120 दिन कर दिया गया है।