Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

भाजपा ने महिला नेताओं के पोस्टर जारी कर कहा- बुआ नहीं बेटी चाहिए

कोलकाता। चुनाव तारीखों के एलान के बाद बंगाल की लड़ाई अब बुआ और बेटी पर आ गई है। बंगाल भाजपा ने महिला नेताओं के पोस्टर जारी कर कहा है कि बंगाल को बुआ नहीं बेटी चाहिए। वहीं टीएमसी ने भी जवाब में कहा कि बंगाल को अपनी बेटी पसंद है। भाजपा ने पोस्टर में बंगाल की नौ पार्टी महिला नेताओं के चेहरे लगाए हैं। जिनमें रूपा गांगुली, देबश्री चौधरी, लॉकेट चटर्जी, भारती घोष, अग्निमित्रा पॉल शामिल हैं। भाजपा के पोस्टर में लिखा है, ‘बंगाल अपनी खुद की बेटी चाहता है, पिशी (बुआ) नहीं।’

दूसरी तरफ भाजपा के इस पोस्टर पर तृणमूल ने कटाक्ष किया है। इस संबंध में तृणमूल नेत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “बुआ भी बंगाल की बेटी ही है। सभी की एक बुआ होती है। जिनके चेहरे का उन्होंने इस्तेमाल किया है, वे भी किसी की बुआ हैं ?”टीएमसी ने ममता बनर्जी को ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में दर्शाया है। हाल ही में टीएमसी ने ममता को ‘बंगाल की बेटी’ के रूप में दिखाते हुए अपना मुख्य अभियान ‘बांग्ला निजेर मेयेके चाय’ की शुरुआत की थी।

टीएमसी ने ममता की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “उनका जीवन न्याय के लिए संघर्षरत रहा है।उनकी मानवता ने बंगाल के हर व्यक्ति के दिल को छू लिया है। उनकी सादगी और दोस्ती ने उन्हें घर की बेटी बना दिया है। उनके नेतृत्व में बंगाल प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा। इसीलिए हर कोई कह रहा है -‘बांग्ला निजेर मेयेके चाय। ‘

बंगाल में कब-कब हैं चुनाव

बंगाल की 294 सीटों पर आठ चरणों में चुनाव होगा. पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।