5 राज्य…824 विधानसभा सीटें…2 मई को नतीजे, आसान शब्दों में जानें चुनावाें का पूरा शेड्यूल

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पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का बिगुल बज चुका है। इन चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी में 27 मार्च से मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ होगी और 29 अप्रैल तक अलग-अलग चरणों में संपन्न होगी। दो मई को मतों की गिनती के बाद स्पष्ट होगा कि साल 2021 में होने वाले इन पहले चुनावों में बाजी किसके हाथ लगती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा द्वारा चुनावी तारीखों की घोषणा करते ही सभी चुनावी राज्यों और पुडुचेरी में आचार संहिता लागू हो गई। हम आपको आसान शब्दों में बताने जा रहे हैं पांच राज्यों में होने जा रहे चुनावों का पूरा शेड्यूल:-

  • चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी को मिलाकर कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न चरणों में मतदान होगा
  •  इस दौरान कुल 18.68 करोड़ मतदाता 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान कर सकेंगे।
  • पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में जबकि असम में 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में मतदान संपन्न होगा।
  • तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा।

पश्चिम बंगाल का पूरा शेड्यूल यहां
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां सात चरणों में मतदान संपन्न हुआ था।

असम का शेड्यूल 
असम में पहले चरण के तहत राज्य की 47 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत 39 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल और तीसरे व अंतिम चरण के तहत 40 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल को मतदान संपन्न होगा। असम में विधानसभा की 126 सीटें हैं, यहां का कार्यकाल 31 मई को पूरा हो रहा है। इस बार असम में भाजपा को अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है। वहां उसका सामना कांग्रेस और एआईयूडीएफ के गठबंधन से है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 60, उसके सहयोगियों असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट को क्रमश 14 और 12 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस को 26 सीटों पर जीत मिली थी जबकि सांसद बदरूदृदीन अजमल के नेतृत्व वाले एआईयूडीएफ को 13 सीटें मिली थी। भाजपा ने तत्कालीन सांसद सर्वानंद सोनोवाल को मुख्यमंत्री बनाया था।

 तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी का पूरा शेड्यूल यहां
तमिलनाडु में विधानसभा की कुल 234 सीटें हैं और इसका कार्यकाल 24 मई को पूरा हो रहा है। केरल में विधानसभा की 140 सीटें है और यहां विधानसभा का कार्यकाल एक जून को पूरा हो रहा है। पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए चुनाव होगा और यहां विधानसभा का कार्यकाल आठ जून को पूरा हो रहा है। तमिलनाडु में पिछले 10 सालों से ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) का शासन है। राज्य की जनता ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक प्रमुख जे जयललिता को दोबारा गद्दी सौंपी थी। इस चुनाव में अन्नाद्रमुक को 135 सीटों पर विजय हासिल हुई थी जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) 88 सीटों पर सिमट गई थी। कांग्रेस को आठ सीटें मिली थी जबकि भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक और भाजपा का गठबंधन हुआ है और उसका मुकाबला द्रमुक और कांग्रेस गठबंधन से होगा।

कोविड-19 संकट के बीच कुछ ऐसी है EC की तैयारी 

  • आगामी विधानसभा चुनावों में तैनात हर कर्मी का कोविड-19 का टीकाकरण किया जाएगा।
  • पांचों विधानसभा चुनावों में ऑनलाइन नामांकन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • कोविड-19 दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मतदान के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
  • वेदनशील इलाकों में स्थित मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की व्यवस्था रहेगी और उपुयक्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी।
  • घर-घर अभियान में उम्मीदवार सहित पांच से अधिक व्यक्ति नहीं होंगे जबकि रोड शो में पांच से अधिक गाड़ियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  •  करोना संक्रमण काल में इससे पहले बिहार विधानसभा का चुनाव संपन्न हुआ था।
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