देश भर में अगले दो दिन नहीं होगा कोरोना टीकाकरण, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई वजह

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नई दिल्ली। देशभर में जारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण अगले दो दिन यानी 27 और 28 फरवरी को नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अगले दो दिन कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म (Co-Win digital platform) को 1.0 से 2.0 में परिवर्तित किया जाएगा। यही कारण है कि दो दिन टीकाकरण नहीं होगा। बता दें कि एक मार्च से गंभीर बीमारी से ग्रसित 45 से ऊपर और 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गो का टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। अन्य लोगों की तरह इन्हें भी टीकाकरण के लिए कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। फिलहाल सभी के लिए कोविन एप उपलब्ध नहीं है। यहीं कारण है कि इसमें जरूरी बदलाव किया जा रहा है और दो दिनों के लिए टिकाकरण बंद रहेगा।

पिछले दिनों मोदी सरकार ने कोरोना टीकाकरण का दायरा बढ़ाने का फैसला किया था। इसके अनुसार एक मार्च से मुफ्त टीकाकरण अभियान में वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 साल के ऊपर के उम्र के लोगों शामिल किया जाएगा। इसके अलावा किसी बीमारी से ग्रस्त 45 साल के अधिक उम्र के लोग भी टीकाकरण करा सकेंगे। अब टीकाकरण अभियान में निजी क्षेत्र भी शामिल होंगे।

10 हजार सरकारी और 20 हजार निजी क्षेत्र के केंद्रों पर टीकाकरण

10 हजार सरकारी और 20 हजार निजी क्षेत्र के केंद्रों पर टीकाकरण होगा। सरकारी सेंटर पर मुफ्त टीका लगेगा और निजी सेंटर पर टीकाकरण के लिए पैसे देने होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही इसकी कीमत तय करेगा। सरकार थोक में वैक्सीन खरीदकर दोनों केंद्रों को उपलब्ध कराएगी। ऐसे में निजी केंद्रों पर भी टीकों की कीमत कम ही होगी। जानकारी के अनुसार वैक्सीन लगवाने के लिए बुजुर्गों को सबसे पहले कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के आंकड़े मतदाता सूची से लिए गए हैं। इसी के आधार पर राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई होगी।

अब तक एक करोड़ 34 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण

तीन जनवरी को कोरोना की दो वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशिल्ड और भारत बायोटेक कोवैक्सीन को आपात इस्तेमा की मंजूरी मिली थी। इसके बाद 16 जनवरी को देशव्यापी टीकाकरण का शुभारंभ हुआ। अब तक एक करोड़ 34 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो चुका है। देश में अब तक कुल कोरोना के एक करोड़ 10 लाख 63 हजार 491 मामले सामने आ गए हैं। इनमें एक करोड़ सात लाख 50 हजार 680 मरीज ठीक हो गए हैं। वहीं एक लाख 56 हजार 825 लोगों की मौत हो गई है।

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