महिला सशक्तीकरण: बस्तर में गठित किया गया छत्तीसगढ़ का पहला महिला पुलिस बैंड

जगदलपुर। बस्तर आइजी सुंदरराज पी. ने संभाग में पुलिस और सुरक्षाबलों में महिला अधिकारी व कर्मचारियों को कार्य क्षेत्र में पुरुषों के बराबर अवसर उपलब्ध कराया है। उनकी पहल पर अब प्रदेश में पहली बार महिला पुलिस बैंड भी बना दिया गया है। आमतौर पर पहले महिला पुलिस बल को कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा व अपराधों की विवेचना में ही अवसर दिया जाता था।

नक्सल विरोधी अभियानों में महिला कमांडो

नक्सल विरोधी अभियान, पुलिस बैंड, सलामी गार्ड आदि कामों में परंपरागत तरीके से सिर्फ पुरुष अधिकारियों व कर्मचारियों को ही मौका मिलता था, लेकिन अब देखा जा रहा है कि नक्सल विरोधी अभियानों में महिला कमांडो को मौका मिल रहा है और वे सराहनीय योगदान भी दे रही हैं। अब संभाग में पुलिस बैंड व सलामी गार्ड में भी महिला पुलिस बल को बराबर अवसर मिल रहा है।

पुलिस बैंड और सलामी गार्ड में शामिल महिलाओं को मुख्यमंत्री ने अवार्ड से सम्मानित किया

बता दें कि गत दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर आए थे तब जगदलपुर में महिला पुलिस बैंड ने विशेष प्रस्तुति दिया था। दंतेवाड़ा में भी मुख्यमंत्री के आगमन पर पहली बार महिला गार्ड द्वारा सलामी दी गई थी। मुख्यमंत्री ने पुलिस बैंड व सलामी गार्ड में शामिल महिला अधिकारी और कर्मचारियों के कार्य की सराहना कर उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया था। आइजी ने कहा कि प्रगतिशील समाज व संगठन में महिलाओं को उचित सम्मान व अवसर दिया जाता है। बस्तर में तैनात पुलिस व सुरक्षाबल में भी महिलाओं को बेहतर अवसर दिया जाएगा।

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