किसान आंदोलन से पंजाब में कराेड़ाें का काराेबार ठप, लुधियाना में होलसेल घटी, पेमेंट अटकी

लुधियाना। Farmers Protest: कोविड के बाद किसान आंदोलन का असर अब शहरों के बाजारों की चकाचौंध पर पड़ने लगा है। ऐसे में अब लुधियाना के होलसेल बाजारों में ग्राहकों की आमद कम हुई है। ग्रामीण इलाकों से खरीदारों की कमी दर्ज की जा रही है। आम दिनों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत कम लोग ही बाजारों में आ रहे हैं। इसके साथ ही बिक्री में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसके चलते व्यापार संगठन किसानाें के आंदोलन के तत्काल हल निकाले जाने को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं।

कोविड और लाकडाउन से पंजाब में 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान

कारोबारियों का कहना है कि पहले ही कोविड और लाकडाउन से पंजाब में 60 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ है। वहीं अब किसान आंदोलन से जहां दिल्ली सहित दूसरे राज्यों से कारोबारी हाेजरी सहित अन्य कारोबार के लिए नहीं आ रहे, वहीं ग्रामीण इलाकों से भी इन दिनों कम ही खरीदारी हो रही है। इससे पंजाब के व्यापारी वर्ग को भारी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही बाजार में पिछले एक महीने से कैश फ्लो की कमी है और पेमेंट्स भी समय पर नहीं मिल रही।

 लुधियाना में पंजाब के कई होलसेल बाजार
बात लुधियाना के बाजारों की करें तो यहां पंजाब भर से व्यापारी होलसेल खरीदारी के लिए आते हैं। इसमें हाेजरी, करियाणा, कैमिकल, साइकिल, मशीनरी, सिविंग मशीनरी, खानपान के उत्पाद प्रमुख है। इसके लिए घास मंडी, साबुन बाजार, लक्कड़ बाजार, केसरगंज मंडी, चौड़ा बाजार, दाल बाजार, घुमार मंडी, जवाहर नगर कैंप, गुडमंडी, अकाल मार्केट, गांधी नगर, सराफा बाजार, फील्डगंज सहित कई प्रमुख बाजार शामिल है। जहां पर इन दिनों ग्राहकों की आमद कम हो गई है।

 बाजारों के हालात बेहद खराब
पंजाब प्रदेशा व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मेहरा ने कहा कि बाजारों के हालात इन दिनों बेहद खराब है। इसका मुख्य कारण कोविड के साथ साथ किसान आंदोलन का लंबा खिच जाना है। ग्रामीण इलाकों से खरीददारी के लिए आने वाले व्यापारी इन दिनों बेहद कम आ रहे हैं। सेल 40 फीसदी तक सिमट गई हैं। इसको लेकर सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए।

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