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दिल्ली में घुस नहीं पाएंगे किसान, टीकरी बॉर्डर पर लगाई गई नुकीली कीलें; बैरिकेड्स भी मजबूत

नई दिल्ली / बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। पहले यहां पर सीसी की दीवार बनाई गई थी। सात लेयर में बैरिकेडिंग कर रखी थी, मगर अब सड़क खोदकर उसमें लंबी-लंबी कीलें व नुकीले सरिया लगा दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को यहां पर और भी मजबूत कर दिया गया है। बॉर्डर पर रोड रोलर भी अब खड़े कर दिए गए हैं ताकि किसान अगर दिल्ली में घुसने का प्रयास करें तो उन्हें रोकने के लिए रोड रोलर को सड़क पर खड़ा किया जा सके। यहां पर कई लेयर की सुरक्षा व्यवस्था बॉर्डर पर ही थी।

इसके बाद टीकरी कलां गांव तक जगह-जगह बैरिकेडिंग की दीवार खड़ी कर दी थी। टीकरी बॉर्डर पर ही दिल्ली पुलिस की ओर से सीसी की दीवार बना दी गई थी। चार फीट मोटी यह दीवार बनाई गई है। इसके 10 कदम पर दिल्ली की तरफ एमसीडी टोल के पास बॉर्डर पर ही सड़क खोद कर उसकी जगह पर सीमेंट में लोहे की कीलें लगवा दी गई हैं। साथ ही लोहे के सरिया नुकीले बनवाकर यहां पर लगवा दिए गए हैं, ताकि कोई भी वाहन यहां से गुजर ना सके। यहां से लोगों के आने-जाने में भी काफी परेशानी होगी।

लोहे की कीलें लगाई गई

अगर किसान ट्रैक्टर लेकर यहां से दिल्ली में घुसने की कोशिश करेंगे तो कीलों की वजह से वाहन का पंक्चर हो जाएगा। पूरा टायर खराब हो जाएगा। यहां से निकलना अब मुश्किल होगा। बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की 15 कंपनियां पहले से ही तैनात हैं। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के बाद यहां हर रोज सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।  इसी कड़ी में लोहे की कीलें लगाई गई हैं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि यहां से किसी भी किसान को दिल्ली जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह सुरक्षा व्यवस्था इसलिए बढ़ाई जा रही है ताकि कोई भी किसान यहां से निकलकर दिल्ली की सीमा में घुस सके। उधर, हर रोज बढ़ी रही सुरक्षा व्यवस्था व बैरिकेडिंग से किसानों में भी डर फैल रहा है। किसानों का कहना है कि देश के अन्नदाता को रोकने के लिए ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, जैसे कि हम किसान नहीं बल्कि कोई उपद्रवी हों।

बैरिकेड्स को दी जा रही मजबूती

प्रदर्शनकारियों के दिल्ली में प्रवेश को रोकने के लिए सिंघु बार्डर पर पुलिस की ओर से अब सुरक्षा व्यवस्था ज्यादा कड़ी की जा रही है। इसी के मद्देनजर बैरिकेड्स को अब वेल्ड कर उनके बीच की जगह में रोड़ी, सीमेंट आदि डाल कर मजबूती दी जा रही है। ताकि प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर से बैरिकेड न हटा सके। इसके अलावा कंटेनरों में भी सीमेंटेड बैरिकेड रख दिए गए हैं।