Logo
ब्रेकिंग
हाथी का दांत को वन विभाग के अधिकारी ने किया जप्त। नवरात्रि के उपलक्ष में भव्य डांडिया रास का 24 सितंबर को होगा आयोजन । हजारीबाग में 30 फीट गहरी नदी में पलटी बस 07 लोगों की हुई मौत, गैस कटर से काटकर शव को निकाला गया। दो नाबालिग लड़की के दुष्कर्म मामले में फरार दोनो आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांतनु मिश्रा राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्षों ने मुलाक... प्रखंड सह अंचल कार्यालय, रामगढ़ का उपायुक्त ने किया निरीक्षण पल्स पोलियो अभियान का रामगढ़ उपायुक्त ने किया शुभारंभ MRP से ज्यादा में शराब बेचने वालों की खैर नहीं, उपायुक्त ने दिया जांच अभियान चलाने का निर्देश । हेमंत कैबिनेट का बड़ा फैसला- 1932 के खतियानधारी ही झारखंडी,OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण, जानें अन्य फैसल...

दिल्ली हिंसा: बड़े एक्शन की तैयारी में गृह मंत्रालय, पुलिस कमिश्नर को बुलाया…IB चीफ भी मौजूद

गणतंत्र दिवस पर लाल किले समेत दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में ट्रैक्टर मार्च की आड़ में किसानों द्वारा हिंसा करने और उत्पात मचाने जैसी घटनाओं को लेकर गृह मंत्रालय काफी गंभीर हैं। गृहमंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस सहित सभी पड़ोसी राज्यों की पुलिस को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। इस बीच दिल्ली में 26 जनवरी को हुए बवाल की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। वहीं दिल्ली पुलिस कमिश्नर बुधवार को गृह मंत्री से मिलने पहुंचे।

पुलिस कमिश्नर गृह मंत्री को कल हुई हिंसा की जानकरी देंगे। गृह मंत्री के साथ बैठक में IB चीफ भी मौजूद रहे। किसान संगठनों के लिए अगले कुछ घंटे काफी अहम है क्योंकि जो वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं उसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस ने संयम बनाए रखा लेकिन किसान हिंसा पर उतर आए।

लाल किले की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
दूसरी तरफ सवाल भी उठ रहे हैं कि मंगलवार को दिल्ली के लाल किले में जो हुआ क्या उसे रोका क्यों नहीं गया। कैसे इतने सारे किसान लाल किलो में घुस आए। किसानों ने तोड़फोड़ की तो पुलिस ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया। किसानों ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे दिल्ली में घुसेंगे, ऐसे में सुरक्षा कड़ी क्यों नहीं की गई।

बता दें कि किसानों की ट्रैक्टर परेड हिंसक होने के बाद शांति स्थापित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली में और अधिक संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला किया।  केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, दिल्ली पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा। कितनी संख्या में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया जा रहा है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि करीब 1,500 से 2,000 कर्मियों (15-20 कंपनियों) को तैनात किया जाएगा।
इन धाराओं में मुकदमा दर्ज हो रहे हैं।