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पड़ोसी धर्म निभा रहा भारत, आज बांग्लादेश और नेपाल को भेजेगा कोराेना वैक्सीन का तोहफा

भारत ने सहायता अनुदान एवं पड़ोस प्रथम नीति के तहत पड़ोसी एवं सहयोगी देशों को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति शुरू कर दी है। भूटान और मालदीव के बाद आज  बांग्लादेश और नेपाल को कोरोना वैक्सीन की खेप भेजे जाएगी, जिसकी तैयारी हो गई है। भारत की ओर से नेपाल को 10 लाख जबकि बांग्लादेश को 20 लाख डोज भेजेगा। वैक्सीन का ये डोज पुणे से मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुका है।

भूटान और मालदीव को भेज दी गई है वैक्सीन 
वहीं इससे पहले भारत ने सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड टीके की 1,50,000 खुराक भूटान को भेजी जबकि 1,00,000 खुराक मालदीव पहुंच गई ।  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोनों देशों तक टीके की खेप पहुंचने का चित्र ट्विटर पर साझा करते हुए कहा था कि भारतीय टीके मालदीव पहुंचे जो हमारी विशेष मित्रता को प्रदर्शित करता है। भूटान के विदेश मंत्री तांडी दोरजी ने इस उदार तोहफा के लिये भारत के प्रति आभार जताते हुए कहा था कि भूटान को आज कोविशिल्ड टीके की 1,50.000 खुराक प्राप्त हुई । इस उदार तोहफे के लिये भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं ।

6 देशों की मदद करेगा भारत 
गौरतलब है कि मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सहायता अनुदान के तहत भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमा, सेशेल्स को कोविड-19 के टीके की आपूर्ति करेगा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा था कि भारत वैश्विक समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिये ‘भरोसेमंद’ सहयोगी बनकर काफी सम्मानित महसूस कर रहा है और बुधवार से टीकों की आपूर्ति शुरू होगी तथा आने वाले दिनों में और काफी कुछ होगा । दरअसल भारत दुनिया के बड़े टीका निर्माताओं में से एक है और कोरोना वायरस का टीका खरीदने के लिये काफी देशों ने सम्पर्क किया है । समझा जाता है कि पाकिस्तान को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि अभी तक इस पड़ोसी देश ने भारत से सम्पर्क नहीं किया है ।

श्रीलंका, अफगानिस्तान की मंजूरी की हो रही प्रतीक्षा
विदेश मंत्रालय ने कहा था कि घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्ते, महीने में चरणबद्ध तरीके से सहयोगी देशों को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति करेगा । भारत इस संबंध में श्रीलंका, अफगानिस्तान और मारीशस से टीके की आपूर्ति के लिये जरूरी नियामक मंजूरी की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहा है । गौरतलब है कि भारत ने देशभर में अग्रिम मोर्चे पर तैनात स्वास्थ कर्मियों को दो टीकों कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगाने के लिये व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया है । आक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड टीके का सीरम इंस्टीट्यूट उत्पादन कर रहा है जबकि कोवैक्सीन का उत्पादन भारत बायोटेक कर रहा है । विदेश मंत्रालय ने कहा था कि टीके की आपूर्ति से पहले प्रशासनिक एवं परिचालन संबंधी आयामों को शामिल करते हुए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जो प्राप्तकर्ता देशों के टीकाकरण प्रबंधकों, कोल्ड चेन अधिकारियों, संवाद अधिकारियों, डाटा प्रबंधकों के लिये होगा ।