उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन पर फोकस, इन आठ ट्रैकिंग रूट के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण की मुहिम शुरू

देहरादून।  उत्तराखंड में पर्यटन उद्योग को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटी राज्य सरकार ने साहसिक पर्यटन पर भी फोकस किया है। इस कड़ी में विभिन्न तालों, बुग्यालों और पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाले आठ पैदल मार्गों (ट्रैकिंग रूट) के सुदृढ़ीकरण के साथ ही सौंदर्यीकरण की मुहिम शुरू की गई है। इन ट्रैकिंग रूट को दुरुस्त करने के साथ ही वहां यात्री शेड समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि सैलानियों को ट्रैकिंग के दौरान किसी प्रकार की दिक्कतें न हो।

कोरोना संकट के कारण राज्य में पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, अब परिस्थितियां कुछ सुधरने के बाद सैलानियों ने फिर से उत्तराखंड की ओर रुख किया है। मसूरी, नैनीताल समेत सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों पर उमड़ने वाली भीड़ इसकी तस्दीक करती है। इसके साथ ही सरकार ने अब ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए ट्रैकिंग रूटों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण के साथ ही वहां सुविधाएं विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। जाहिर है कि इस पहल के जरिये राज्य में ट्रैकिंग में रुचि रखने वाले सैलानियों को आकर्षित करने का भाव छिपा है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के अनुसार ट्रैकर्स यहां आएं और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसी के दृष्टिगत आठ ट्रैकिंग रूटों का सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। इनमें उत्तरकाशी जिले में धराली झूलापुल से मुखबा तक के ट्रैक को सुदृढ़ किया जा रहा है, जबकि मोरी ब्लाक में जखोल से सरुताल तक के ट्रैक का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। इसी क्रम में टिहरी जिले के अंतर्गत सेम नागराजा मंदिर तक ट्रैक का सुधार किया जा रहा है।

इसी जिले में भिलंगना के घुत्तू से पंवालीकांठा ट्रैक को विकसित किया जा रहा, जबकि भिलंगना से मासरताल महिडांडा तक के ट्रैक रूट की मरम्मत के साथ ही यात्री शेड का निर्माण कराया जा रहा है। यही नहीं, टिहरी के बूढ़ाकेदार से मासरताल तक के ट्रैक में सुधार का काम जारी है। धौलधार ब्लाक के पुस्ताड़ी से त्याड़धार खैड़ी ट्रैक रूट व मेला स्थल का सौंदर्यीकरण और जाखणीधार ब्लाक के अंतर्गत ग्राम कस्तल के पीढ़ी से खैट पर्वत ट्रैक रूट का सुधार किया जा रहा है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पौड़ी जिले में फैडखाल-हरियालीसैंण ट्रैक रूट का सुधार किया जा रहा है। इसके अलावा देहरादून जिले में देहरादून-मसूरी ट्रैकिंग रूट का विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य भी गतिमान है।

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