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कोविड प्रभावित अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका देने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कोविड-19 से प्रभावित सिविल सेवा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मौका देने का प्रस्ताव सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के विचाराधीन है। जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को एडीशनल सालिसिटर जनरल एसवी राजू ने उक्त जानकारी दी।

अतिरिक्त मौका देने का प्रस्ताव सरकार और यूपीएससी के विचाराधीन

एडीशनल सालिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार इस मामले पर सक्रियता से विचार कर रही है और उन्हें फरवरी के पहले हफ्ते तक स्थगन की मांग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर पीठ ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि इस दौरान फार्म भरने की अंतिम तिथि गुजर जाए। इसके साथ ही पीठ ने मामले की सुनवाई फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

अभ्यर्थियों को अंतिम मौका देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपीएससी को दिया था निर्देश

पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन अभ्यर्थियों के लिए यूपीएससी परीक्षा में अतिरिक्त मौके की मांग की गई है जिनके पास अक्टूबर, 2020 में हुई प्रारंभिक परीक्षा में अंतिम मौका था। इसके अलावा याचिका में उन छात्रों के लिए भी अतिरिक्त मौके की मांग की गई है जो कोविड-19 की वजह से सिविल सेवा परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए। बता दें कि पिछले साल 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपीएससी को ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मौका देने पर विचार करने का निर्देश दिया था जिनके पास 2020 की परीक्षा में शामिल होने का अंतिम मौका था।