उत्‍तर प्रदेश के होमगार्डों के लिए बड़ी खबर, अब NIC से ऑटो जेनरेट होगा वेतन; दर्ज होगी हाजिरी

लखनऊ। थाने-कोतवाली, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में ड्यूटी कर रहे होमगार्डों की हाजिरी अब सीधे एनआइसी (नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर) पर ऑनलाइन दर्ज होगी। हाजिरी के साथ ही उनका मानदेय भी ऑटो जनरेट होगा। होमगार्ड जवानों को हाजिरी से संबंधित आपत्ति भी दो दिन के अंदर एनआइसी पर ही दर्ज भी करा सकेंगे। उनकी आपत्ति की सुनवाई होगी।

बीते साल हुए होमगार्ड जवानों के फर्जी मस्टर रोल जनरेट कर वेतन घोटाले के बाद इसे लागू किया गया है। जनवरी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बाराबंकी जिला से इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद सभी 75 जनपदों में व्यवस्था लागू की जाएगी।

होमगार्ड अपनी प्रति दिन उपस्थिति एनआइसी पर सीधे समयानुसार दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा अगर ड्यूटी रहते हुए भी किसी कारण से उनके पर्वेक्षक अधिकारी ने उन्हें अनुपस्थित कर दिया है तो होमगार्ड उस पर सीधे आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए होमगार्ड जवान से लेकर नोडल, वैतनिक हवलवादर, बीओ और पीसी के पास भी अपनी लॉगइन आइडी होगी। जवानों की उपस्थिति- अनुपस्थिति और एनआइसी के जरिए जिला कमांडेंट से लेकर मंडल, मुख्यालय और शासन स्तर पर बैठे अधिकारी देख सकेंगे। इस व्यवस्था से होमगार्ड जवानों का शोषण नहीं होगा।

होमगार्ड जवानों की संख्या, ड्यूटी और मानदेय का ब्योरा 

  • सूबे में होमगार्डों की स्वीकृत संख्या : 1,18,348
  • सूबे में वर्तमान में होमगार्डों की संख्या करीब : 90 हजार
  • नियमित ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की संख्या करीब : 83 हजार
  • एक दिन का मानदेय, प्रति होमगार्ड : 702 रुपये

क्‍या कहते हैं होमगार्ड मुख्यालय के डीआइजी ?

होमगार्ड मुख्यालय डीआइजी रणजीत सिंह ने बताया कि सभी होमगार्ड जवान अब एनआइसी पर अपनी उपस्थित और अनुपस्थिति के साथ ही आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। उसी के आधार पर उनका वेतन भी ऑटो जेनरेट होगा। प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार द्वितीय के निर्देशन में इस पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत बाराबंकी से पायलट प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है। जल्द ही सूबे के सभी जनपदों में इसे लागू किया जाएगा।

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