आफत में पक्षी: दस राज्यों में पहुंचा बर्ड फ्लू, वायरस के प्रसार की बढ़ी आशंका, सभी राज्यों को अलर्ट जारी

नई दिल्ली। बर्ड फ्लू का प्रकोप देश के दस राज्यों तक पहुंच गया है। इसके अलावा भी कई राज्यों में पक्षियों की असामान्य मौत की खबरें हैं। इससे बर्ड फ्लू के वायरस के प्रसार की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय कंट्रोल रूम का गठन कर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं, जबकि बर्ड फ्लू प्रभावित राज्यों में निगरानी के लिए विशेष दल बनाए गए हैं। अब तक दस राज्यों में पक्षियों की अस्वाभाविक मौत होने से वायरस के प्रकोप से दहशत बढ़ गई है, जबकि सात राज्यों में वायरस से हुई मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत की बात है कि अभी देश में मानव में बर्ड फ्लू के फैलने की कोई सूचना नहीं है।

केंद्र ने सभी राज्यों को दिए निर्देश, बर्ड फ्लू पर रखें कड़ी नजर

केंद्रीय पशुधन व डेयरी विभाग ने देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों व प्रशासकों से संपर्क में रहने और राज्यों में बर्ड फ्लू की आशंका वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर बनाए रखने की अपील की है। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू के प्रकोप की पुष्टि हो चुकी है।

कौओं, बत्तखों और मुर्गियों की अस्वाभाविक मौत, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में जलाशयों के आसपास कौओं और बत्तखों के मारे जाने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। महाराष्ट्र के दो जिलों में पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की अस्वाभाविक मौत की सूचनाएं हैं। इन सभी राज्यों से सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। राज्य सरकारों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कानपुर चिड़ियाघर में पक्षियों में मिला वायरस का प्रकोप

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित चिड़ियाघर में पक्षियों की मरने की खबर के बाद जांच के लिए भेजे गए सैंपल में बर्ड फ्लू के वायरस पाए गए हैं। इसी तरह दिल्ली के संजय गांधी लेक के पास कौओं और बत्तखों के मरे पाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।

दिल्ली में बाहर से पक्षियों के लाने पर रोक

राजधानी दिल्ली में बाहर से पक्षियों के लाने पर रोक लगा दी गई है। एहतियात के तौर पर गाजीपुर मुर्गा मंडी 10 दिनों के लिए बंद की गई है।

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को दी हिदायत, पीपीई किट के बगैर मुर्गियों के पास न जाएं

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में पोल्ट्री फार्म में काम करने वालों के लिए विशेष सुरक्षा बंदोबस्त करने की हिदायत दी है। पीपीई किट के बगैर कोई मुर्गियों के आसपास न जाएं। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाने को भी कहा गया है।

पकाकर अथवा उबाल कर खाने से नहीं फैलता बर्ड फ्लू का वायरस

राज्यों को चिकेन व अंडा खाने को लेकर अफवाहों पर नियंत्रण पाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। अच्छी तरह पकाकर अथवा उबाल कर खाने से बर्ड फ्लू के वायरस का कोई खतरा नहीं है। वर्ष 2006 में भारत बर्ड फ्लू मुक्त हो चुका था। उसके बाद से यह पहली बार प्रवासी पक्षियों के आने से इसके वायरस यहां पहुंचे हैं।

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