Logo
ब्रेकिंग
रामगढ़ में हजारीबाग डीआईजी की पुलिस टीम पर कोयला तस्करों का हमला l ACB के हत्थे चढ़ा SI मनीष कुमार, केस डायरी मैनेज करने के नाम पर मांगा 15 हजार माता वैष्णों देवी मंदिर के 33वें वार्षिकोत्सव पर भव्य कलश यात्रा 14 को रामगढ़। झारखंड के इन जिलों में 12 से होगी झमाझम बारिश, जानें मौसम का मिजाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ श्री गुरु नानक पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न । रामगढ़ एसपी ने पांच पुलिस निरीक्षकों को किया पदस्थापित रामगढ़ में एक डीलर और 11 अवैध राशन कार्डधारियों को नोटिस जारी पुलिस अधीक्षक के कार्रवाई से पुलिस महकमा में हड़कंप, चार पुलिस कर्मी Suspend रामगढ़ छावनी फुटबॉल मैदान में लगा हस्तशिल्प मेला अब सिर्फ 06फ़रवरी तक l असामाजिक तत्वों ने देवी देवताओं की मूर्ति को किया क्षतिग्रस्त, गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम l

किसानों को सरकार ने लिखी एक और चिट्ठी, कहा- अगली बातचीत का समय और तारीख आप खुद तय करें

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के मामले पर किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर से किसानों को चिट्ठी लिखकर बातचीत की पेशकश की है। सरकार ने किसानों को चिट्ठी लिखकर संकेत दिया है कि बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। कृषि मंत्रालय की ओर से लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सरकार किसानों की हर मांग पर चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार ने चिट्ठी में लिखा है कि वह चर्चा करने के लिए तैयार है।

सरकार ने आंदोलनकारी किसानों को लिखे पत्र में किसानों से बातचीत के अगले दौर के लिए तारीख और समय तय करने को कहा है। साथ ही कहा है कि सरकार आपके द्वारा उठाए गए मुद्दों के तार्किक समाधान तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध ह

देश में गुरुवार को 29वें दिन भी किसान आंदोलन जारी है। नए कृषि कानूनों पर सरकार और किसान संगठनों के बीच गतिरोध बना हुआ है। दोनों ही पक्षों की ओर से कहा जा रहा है कि  किसानों की समस्याओं का हल करने की दिशा में वे बातचीत के लिए तैयार हैं। मगर अगले दौर की वार्ता कैसे और किन मसलों पर होगी। ये अभी तक साफ नहीं हुआ है। किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार कोई ठोस प्रस्तान दे तो वार्ता हो सकती है।

दूसरी ओर सरकार का कहना है कि किसान संगठन कानून में संशोधन के जो भी प्रस्ताव लेकर आएंगे उस पर विचार किया जाएगा। लेकिन, प्रदर्शनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर कायम है जबकि सरकार उनकी मांग को मानने को तैयार नहीं है।

गौरतलब है कि सरकार कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को जल्द खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के रुख के अनुरूप समिति गठित करने की तैयारी कर रही है। समिति के लिए सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिसंबर की शुरुआत में सरकार की ओर से किसान संगठनों को एक छोटी समिति बनाने का सुझाव दिया गया था ताकि बातचीत से समाधान निकाला जा सके।