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किसान आंदोलन-राष्ट्रपति से मिलकर बोले राहुल गांधी, मोदी सरकार को वापिस लेना होगा कृषि कानून

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को तीनों कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रपति से मुलाकात की। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान होने वाला है। राहुल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि देश को दिख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ खड़ा है। राहुल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि अब किसान पीछे नहीं हटेगा, जबतक कानून वापस नहीं होगा तबतक कोई वापस नहीं जाएगा। साथ ही राहुल ने कहा कि सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुलाए और इन कानूनों को तुरंत वापस लें।

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मोदी के खिलाफ बोलेने वाले आतंकवादी
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में अब कोई लोकतंत्र नहीं रहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आवाज उठाने वालों को आतंकवादी या राष्ट्रविरोधी करार दिया जाता है। प्रधानमंत्री का एक ही लक्ष्य है कि दो-चार बड़े पूंजीपतियों के लिए पैसा बनाया जाए। जो भी प्रधानमंत्री के खिलाफ खड़ा होता है उसे आतंकवादी बोल दिया जाता है। किसान खड़ा होता है तो उसे आतंकवादी बोलेंगे, मजदूर खड़े हो जाएंगे तो उन्हें आतंकवादी बोलेंगे। जो इनसे सत्ता लेने की कोशिश करेगा उसको आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी बोला जाएगा।

राहुल ने कहा कि आज देश का किसान दुख और दर्द में हैं, कई किसानों की मौत भी हुई है। सरकार जल्द से जल्द इन काले कानूनों को वापिस ले। राहुल गांधी गुरुवार को गुलाब नबी आजाद और अधीर रंजन के साथ राष्ट्रपति को कृषि कानून के खिलाफ ज्ञापन सौंपने पहुंचे। राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर उनको 2 करोड़ हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपील की गई है। वहीं राहुल गांधी ने किसानों के समर्थन में विजय चौक से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालना था लेकिन कांग्रेस को मार्च की परमिशन नहीं मिली।

नई दिल्ली इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। राष्ट्रपति भवन के पास भी सुरक्षा को बढ़ाया गया है। मार्च नहीं मिलने की परमिशन की खबर के बाद कांग्रेस नेता पार्टी दफ्तर में ही एकजुट हुए। वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने ट्वीट किया कि भारत के किसान ऐसी त्रासदी से बचने के लिए कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, इस सत्याग्रह में हम सबको देश के अन्नदाता का साथ देना होगा।

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ‘कृषि विरोधी कानून’ बनाकर किसानों को दर्द दिया है और अब जब अन्नदाता धरने पर बैठे हुए हैं तो उनकी बात न सुनकर उनका अपमान किया जा रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने कृषि कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था, इस पर अब तक करीब दो करोड़ लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं। कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को किसानों से संवाद करेंगे।