केरल में हथिनी की मौत के मामले में तीन गिरफ्तार, आरोपियों ने कहा- हाथी नहीं, जंगली सुअर के लिए रखे थे पटाखे

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कोच्चि। केरल में वन विभाग के अधिकारियों ने अप्रैल में मारी गई हथिनी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं पिछले महीने हुई एक गर्भवती हथिनी की मौत के दो प्रमुख आरोपितों की अभी तलाश चल रही है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दोनों हथिनियों की मौत लगभग एक ही तरीके से हुई थी। इन हथिनियों ने पटाखों से भरा फल खा लिया था। पटाखों में विस्फोट के कारण उनके जबड़े क्षतिग्रस्त हो गए थे। खाने-पीने में अक्षम हो जाने के कारण कुछ दिन बाद इनकी मौत हो गई थी। इनमें से एक घटना अप्रैल की है, जिसमें कोल्लम जिले के पथानपुरम फॉरेस्ट रेंज की हथिनी की मौत हुई थी।

दूसरी घटना मई की है, जिसमें साइलेंट वेली फॉरेस्ट की हथिनी ने वेल्लियार नदी में जान गंवाई थी। 27 मई को वेल्लियार नदी में जान गंवाने वाली हथिनी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके गर्भवती होने की बात सामने आई थी। कोल्लम जिले के एक वन अधिकारी ने बताया कि पथानपुरम मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपितों का कहना है कि उन्होंने हाथी को मारने के लिए जाल नहीं बिछाया था। पटाखों वाला फल जंगली सूअरों और हिरन के लिए रखा गया था, जिसे गलती से हथिनी ने खा लिया। गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में एक व्यक्ति को पांच जून को गिरफ्तार किया गया था और दो मुख्य आरोपितों की तलाश जारी है।

जानें- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया 

हथिनी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने जो कहा है वह काफी दर्दनाक है। हथिनी मुंह में विस्फोट और जबड़े क्षतिग्रस्त होने के कारण काफी तकलीफ में तो थी ही, साथ ही अपनी मौत से पहले उसने 14 दिनों से कुछ भी नहीं खाया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान वह कुछ भी खा-पी नहीं सकती थी।

पानी में जाने से पहले भूख-प्यास से परेशान होकर उसने गांव के कई चक्कर लगाए थे। एक अधिकारी ने बताया कि घायल होने और बहुत ज्यादा तकलीफ में होने के बाद भी उसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

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