गोरखपुर के औद्योगिक गलियारे में स्थापित होगा टेक्सटाइल पार्क, CM योगी ने दिलाई थी मंजूरी

yamaha

गोरखपुर। गोरखपुर में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। इस बार पहल गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) ने की है। यह पार्क पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में बनेगा, जिसकी सहमति मिल गई है। जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा।

शासन से मिली सहमति, तैयार कराकर जल्द ही भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव

केंद्र सरकार ने कई जिलों को टेक्सटाइल पार्क के लिए चुना है। पूर्वांचल में वाराणसी को तो इसमें स्थान मिल गया, लेकिन गोरखपुर सूची में शामिल नहीं हो सका। गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने गोरखपुर में टेक्सटाइल उद्योग की संभावनाओं को बताते हुए यहां भी पार्क स्थापित करने की बात शासन में रखी, जिसे हरी झंडी मिल गई। औद्योगिक गलियारे के लिए प्रथम चरण में करीब 1200 एकड़ जमीन खरीदने का प्रस्ताव यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को भेजने की तैयारी चल रही है।

गोरखपुर में है बेहतर माहौल

यहां धागा बनाने की चार इकाइयां, बड़े प्रॉसेस हाउस, बड़ी संख्या में बुनकर व प्रशिक्षित श्रमिक हैं। गोरखपुर में कपड़े का भी बड़ा बाजार है, जिसके कारण उद्यमी लगातार टेक्सटाइल पार्क लगाने की मांग करते आए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने दिलाई थी मंजूरी

उद्यमियों ने एसके अग्रवाल के नेतृत्व में टेक्सटाइल पार्क के लिए मुहिम चलाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस समय सांसद के रूप में व्यक्तिगत प्रयास किए थे, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 2006 में यहां टेक्सटाइल पार्क की मंजूरी दी थी। गीडा जमीन देने के लिए तैयार था तो संचालन के लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन भी कर लिया गया था। इस कंपनी के अध्यक्ष एसके अग्रवाल बनाए गए थे। स्थानीय स्तर पर कुछ विवादों के कारण जब इकाई स्थापित नहीं हो पाई तो केंद्र सरकार ने 2008 में टेक्सटाइल पार्क की मंजूरी निरस्त कर दी।

औद्योगिक गलियारे की जमीन पर टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की योजना है। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस क्षेत्र के लिए यह काफी महत्वपूर्ण होगा। – संजीव रंजन, सीईओ, गीडा

raja moter

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.