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कोरोना के खिलाफ जंग में भारत विकसित देशों से आगे, राहुल गांधी के आरोप को सरकार ने किया खारिज

नई दिल्ली। कोरोना के खिलाफ जंग में भारत विकसित देशों से आगे रहा है। लॉकडाउन के पूरी तरह विफल रहने के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को नकारते हुए सरकार ने यह दावा किया है। मजेदार बात यह है कि सरकार और विपक्ष का आरोप-प्रत्यारोप सिर्फ ट्वीट के जरिये हो रहा है। राहुल के आरोपों का उन्हीं के तरीके से जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से भारत में दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में न सिर्फ कम लोगों को संक्रमण हुआ, बल्कि इससे मरने वालों की संख्या भी बहुत कम रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन्हीं चार देशों में कोरोना संक्रमण और उससे होने वाली मौत का आंकड़ा दिया, जिनके आंकड़ों का इस्तेमाल लॉकडाउन को विफल साबित करने के लिए किया गया था। राहुल ने ग्राफ ट्वीट किया और स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़े ट्वीट किए।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लॉकडाउन विफल होने का लगाया था आरोप

दरअसल, एक दिन पहले राहुल गांधी ने स्पेन, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन के साथ भारत में हर दिन कोरोना के मरीजों की संख्या का ग्राफ ट्वीट किया था। इस ट्वीट के सहारे उन्होंने साबित करने की कोशिश की थी कि भारत में लॉकडाउन किस तरह विफल हुआ है। राहुल का कहना था कि स्पेन, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन में लॉकडाउन कोरोना के संक्रमण को रोकने में सफल रहा। वहां लॉकडाउन उस समय हटाया गया, जब नए मरीजों की संख्या कम हो रही थी। इसके विपरीत भारत में लॉकडाउन के दौरान भी नए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही। लॉकडाउन हटाने का फैसला उस समय किया गया, जब यह अभी तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। जिस तरह रोजाना दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से आंकड़े आ रहे हैं उससे राहुल के तर्क को बल भी मिलता है। आम लोगों में आशंका इसलिए भी गहरा गई है, क्योंकि कई स्थानों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि टेस्ट ही नहीं हो रहे हैं। साधारण लक्षण वाले मरीजों को तो देखने तक की जहमत नहीं उठाई जा रही है

विश्व में प्रति एक लाख जनसंख्या पर औसतन 5.17 मौतें

बहरहाल स्वास्थ्य मंत्रालय ने पलटवार में उन्हीं चार देशों में कोरोना की स्थिति का ग्राफ ट्वीट किया, जिनका राहुल गांधी ने हवाला दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोरोना के कारण प्रति एक लाख की जनसंख्या पर स्पेन में 58.06, ब्रिटेन में 59.62, इटली में 55.78 और जर्मनी में 10.35 मौते हुई हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा महज 0.49 ही है। पूरी दुनिया में भी कोरोना के कारण प्रति एक लाख जनसंख्या पर औसतन 5.17 मौतें दर्ज की गई हैं। ट्वीट के साथ लगाए गए दूसरे ग्राफ में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि प्रति लाख की जनसंख्या पर स्पेन में 515.61, ब्रिटेन में 419.54, इटली में 387.33 और जर्मनी में 219.93 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं, जबकि भारत में केवल 17.32 लोग ही संक्रमित हुए हैं। पूरी दुनिया में प्रति एक लाख की जनसंख्या पर औसतन 87.74 लोग संक्रमित हुए हैं।