22 लाख से अधिक की लूट के मामले में मुठभेड़ के बाद दो बदमाश गिरफ्तार, दो फरार

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अलीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन-5.0 में भी अपराध बढऩे के मामले में अब पुलिस ने भी तेजी पकड़ी है। पुलिस ने अलीगढ़ में कैश मैनेजमेंट सर्विस (सीएमएस) के कलेक्शन एजेंट से 22 लाख 50 हजार की लूट के मामले में दो बदमाशों को मुठभेड़ में पकड़ा है। इसमें कलेक्शन एजेंट की मुख्य भूमिका थी। अलीगढ़ पुलिस टीम की इस सफलता पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम को 50 हजार रुपया का नकद का पुरुस्कार घोषित किया है।

अलीगढ़ में बीती एक जून को एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी सीएमएस के कलेक्शन एजेंट से 22 लाख 50 हजार की लूट करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गुरुवार को मुठभेड़ के बाद अपनी गिरफ्त में ले लिया है। भमौला के पास मुठभेड़ के बाद इन दो बदमाशों के पास इनसे करीब 12 लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। इस लूट की पूरी प्लानिंग कलेक्शन एजेंट की ही थी। इसमें सात लोग शामिल थे। घटना के दौरान भी गांधीआई तिराहे से लेकर सेंटर प्वाइंट तक सातों वहीं घूम रहे थे। पांच पकड़ लिए हैं। अभी भी दो बदमाश फरार हैं। बाकी रकम मुठभेड़ के दौरान फरार दो बदमाशों के पास है, जिनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। वहीं तीन अन्य बदमाश रात भर चले दबिश अभियान में गिरफ्तार हुए हैं।

गुरुवार को थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगी है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद लूट में शामिल पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही लूटे गए 22 लाख से अधिक रुपयों में से 12 लाख से अधिक की रकम भी उनके पास से बरामद की गई है। इस मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाशों को इलाज के जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है। मुठभेड़ में अमित वर्मा व गोलू उर्फ शिवशंकर बंजारा को गोलियां लग गईं और वे मौके पर ही गिर गए, जबकि उनके दो साथी सुरजीत व कालू मौके से फरार हो गए।  मौके पर ही उनके पास से लूटे गए पैसे, लूट में प्रयुक्त बाइक सहित दो और स्प्लेंडर बाइक, दो तमंचे, कारतूस, दो मोबाइल आदि बरामद किए गए। उन्होंने स्वीकार किया कि रकम लेकर भाग रहे थे। मौके से भाग गए साथियों के पास दूसरे बैग में शेष रकम थी।

वारदात के तीन दिन बाद ही पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लूट की वारदात के बाद एडीजी ने आठ टीमों का गठन किया था। जिसके बाद मुखबीरों से आरोपियों की सूचना मिली थी। आज तड़के सिविल थाना क्षेत्र में मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली लगी। इससे पहले ही पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।

गौरतलब है कि अलगीढ़ मे सोमवार यानी एक जून को कैश मैनेजमेंट सॢवस स्टाफ सोमवार दोपहर 11:30 बजे जब एलआईसी से करेंसी लेने गया था, तभी यह लूट हुई थी। घटना के दौरान अकराबाद निवासी कैशियर रजत शर्मा जब एलआईसी दफ्तर से पैसों का बैग लेकर निकला, तभी बाइक सवार दो बदमाश उसका बैग को लूटकर भाग गए थे। इस लूट के दौरान गार्ड की फायरिंग में पांच राहगीर जख्मी हुए थे। घटना के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह व एसएसपी मुनिराज जी ने जांच के लिए आठ टीमें लगाई थीं। पुलिस टीमों ने लगातार भागदौड़ कर व सॢवलांस से साक्ष्य जुटाकर पाया कि लूट का शिकार हुआ कैशियर रजत शर्मा ही इसका मास्टर माइंड है।

रेलवे स्टेशन होते हुए भागे लुटेरे

पुलिस ने घटना के बाद 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 12 बजे से शाम तक रेलवे रोड, मैरिस रोड, समद रोड की हर प्रमुख दुकानों के सीसीटीवी देखे गए। पता चला कि बदमाश पहले सेंटर प्वाइंट पहुंचे। वहां से रेलवे स्टेशन रोड होते हुए मधुपुरा तिराहा, यहां से बदमाश मीनाक्षी पुल की ओर जाते दिखे है। इससे आगे की लोकेशन नहीं मिली। माना जा रहा है कि बदमाश मीनाक्षी पुल के नीचे से गुरुद्वार रोड होते हुए धनीपुर की ओर गए थे।

लॉकडाउन में सबसे बड़ी लूट

लॉकडाउन में सरकार के ढिलाई देेने के बाद बदमाशों के हौसले बढ़ गए। बीते शुक्रवार रात रामघाट रोड पर एटीएम बूथ से लूट में विफल बदमाशों ने एटीएम को ही उखाड़कर ले जाने का प्रयास किया था। पुलिस तीन दिन बाद भी बदमाशों को पकडऩा तो दूर उनका सुराग तक नहीं लगा सकी है। सोमवार को बदमाशों ने लॉकडाउन अवधि की सबसे बड़ी लूट की।

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