मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में सियासत गर्म, बघेल की बैठक में नहीं बुलाए गए TS सिंहदेव

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रायपुर। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को कोरोना वायरस के मद्देनजर 12 मार्च के दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में हुई बैठक में नहीं बुलाया गया। इससे मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ने लगा है। इसे लेकर भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी मध्य प्रदेश जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।

अग्रवाल ने इसे लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ हो या राजस्थान हर जगह कांग्रेस में इसी तरह का माहौल है। मध्य प्रदेश में क्या हुआ सभी को पता चला है। ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में भी ‘ज्योतिरादित्य सिंधिया’ सामने आएंगे। विधायक  पिछले सप्ताह  कांग्रेस के सिंधिया के साथ 22 विधायकों के इस्तीफे की बात कर रहे थे। इससे मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार संकट में पड़ गई है।

देव की सफाई, बैठक जल्दबाजी में बुलाई गई

देव ने इसे लेकर कहा,’ मुख्यमंत्री कार्यालय को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए थी। शायद बैठक जल्दबाजी में बुलाई गई थी, लेकिन मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री कार्यालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि स्वास्थ्य मंत्री इसमें शामिल हों।’

100 जीवन मिलने के बाद भी भाजपा में शामिल नहीं होंगे

हालांकि, देव पहले ही कह चुके हैं कि वह कभी भी भाजपा में शामिल नहीं होंगे। लोग दावा करते रहे, लेकिन वे कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि 100 जीवन मिलने के बाद भी वे उस विचारधारा से कभी नहीं जुड़ेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला

कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोलते हुए देव ने कहा था कि मुख्यमंत्री न बनने के कारण भाजपा शामिल होने वाले लोगों को कभी सीएम बनने का मौका नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि एक व्यक्ति हमेशा कप्तान नहीं रहता। अगर विराट कोहली को कप्तान नहीं बनाया जाता है तो क्या वे पाकिस्तान की टीम में शामिल हो जाएंगे।

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