कोरोना का कहरः ईरान ने अपनी जेल में बंद 70 हजार कैदियों को किया रिहा

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नई दिल्ली। कोरोना के कहर से पूरी दुनिया चिंतित है। चीन के बाद अब कोरोना दुनिया के बाकी हिस्से में कहर बरपा रहा है। चीन के बाद इसका सबसे अधिक कहर इटली और ईरान में देखने को मिल रहा है। इटली और ईरान में बीते एक सप्ताह में सबसे अधिक संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।

इटली में अब तक 631 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह से ईरान में अब तक 291 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान ने तो संक्रमण से बचाने के लिए लोगों को अपने घरों में ही रहने का आदेश दिया है। इस तरह से लगभग डेढ़ करोड़ लोग अपने घरों में कैद है।

सार्वजनिक स्थलों पर पूरी तरह से बैन

वहीं इटली में सार्वजनिक स्थलों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। निवासियों से कहा गया है कि सरकार उनके लिए चिंतित है और वो लोग सार्वजनिक जगहों पर एकत्र होने से परहेज करें। जिन इलाकों में ऐसे मरीज पाए गए हैं वहां न जाएं तो बेहतर रहेगा। भारत में भी अब तक कोरोना के 60 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय एयरपोर्ट से आने वाले यात्रियों की लगातार जांच कर रहा है।

जेल से छोड़ दिए गए 70 हजार कैदी

कोरोना से अपने यहां जेलों में बंद कैदियों को बचाने के लिए ईरान ने एक नया कदम उठाया है। उनके यहां जेलों में बंद 70 हजार कैदियों को फिलहाल रिहा कर दिया गया है। ईरान में जूडिशल हेड (न्यायिक मुखिया) इब्राहिम रईसी ने बताया कि जेल में बंद कैदियों को कोरोना न हो जाए इसको ध्यान में रखकर ये काम किया गया है। दरअसल ये माना जाता है कि कोरोना संक्रमण से फैलता है, यदि संक्रमित लोग एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं तो इसके फैलने की संभावना अधिक हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए ही इन कैदियों को फिलहाल रिहा कर दिया गया है।

कैदियों को दी गई सलाह

कैदियों को रिहा करने के दौरान ही उनको ये भी सलाह दी गई है कि वो भीड़-भाड़ और सार्वजनिक स्थानों से दूर रहें। उन्होंने ये भी कहा है कि जिन कैदियों को रिहा किया गया है उनको कोरोना संक्रमण पर रोक लग जाने के बाद खुद से ही वापस जेल में आना होगा। ऐसे सभी कैदियों की अलग से डिटेल तैयार कर ली गई है। जब कोरोना पर अंकुश लग जाएगा उसके बाद इन सभी को अपनी बाकी बची हुई सजा भी भुगतनी होगी।

हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि ये अभी निश्चित नहीं है कि उनकी जेल वापसी कब तक होगी। इससे पहले चीन ने अपने यहां जेल में बंद कैदियों को इसी तरह से रिहा कर दिया था क्योंकि उनके यहां कोरोना से आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई थी।

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