अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : पुरुषों को चुनोती दे रही है ये नारी शक्तियां

अनिता और मनीषा नाम की रेलकर्मियों ने महिला सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण पेश किया है

Ramgarh:“नारीशक्ति का उदय राष्ट्र का उदय ” इस स्लोगन को चरितार्थ कर रही हैं रामगढ़ जिले में स्थित बरकाकाना जंक्शन में कार्यरत सीआईसी सेक्शन की पहली महिला स्टेशन मास्टर। धनबाद रेल मंडल के करीब दो सौ किलोमीटर तक के नक्सल प्रभावित रेलखंड में पिछले दस वर्षों से भी अधिक समय से रेलगाड़ियों का सफल संचालन कर अनिता एवम मनीषा नाम की रेलकर्मियों ने महिला सशक्तिकरण का जीता जागता उदाहरण पेश किया है।

ये दोनों महिला रेलकर्मी स्टेशन मास्टर के रूप में काम करते हुए उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है । जिनकी जिंदगी सिर्फ रसोईघर तक ही सीमित है। इन दोनों महिलाओं का यह मानना है कि विश्व में वही देश अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए बराबरी का काम कर रही हैं और अब हमारा देश भी उस राह पर चल चुका है क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं के क्षेत्र को अब सीमित नहीं असीमित कर दिया है। और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए देश के प्रधानमंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं बस जरूरी है समाज के हर वर्ग को समझने कि। विश्व के जितने भी विकसित देश है उनके पीछे नारी शक्ति का ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। जब तक नारी शक्ति को पुरुषों के बराबर कंधे से कंधा मिलाकर चलने का समाज में अधिकार नहीं प्राप्त होगा तब तक वह समाज और राष्ट्र कभी भी विकसित नहीं हो पाएगा। तो आज महिला दिवस के उपलक्ष पर हम लोग संकल्प लें और राष्ट्र निर्माण में अपना मजबूत योगदान दें।

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