Logo
ब्रेकिंग
रामगढ़ से पैदल मार्च करते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए स्वच्छता दूत। प्रदूषण के मुद्दे पर आलोक स्टील का घेराव कर रहे चार ग्रामीण गिरफ्तार, दबाव पर पुलिस ने छोड़ दिया । ट्रिपल म'र्डर मामले में रामगढ़ कोर्ट का बड़ा फैसला, आरपीएफ जवान पवन सिंह को फां'सी की सजा । देश की राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों मे प्रसिद्ध दिल्ली दरबार अब आपके शहर रामगढ़ में । फर्स्ट राउंड चुनाव परिणाम :5838 वोट से एनडीए प्रत्याशी सुनीता चौधरी आगे, रामगढ़ उपचुनाव प्रथम चरण मे... बेहतरीन तकनीकी की बदौलत दुनियाँ में तहलका मचाती Yamaha अब युवतियों को अपनी ओर खींच रहा । रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव मतदान संपन्न, 67.96 प्रतिशत लोगों ने डाले वोट, 2 मार्च को चुनाव परिणाम रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव : डीसी माधवी मिश्रा ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, दिये निर्देश रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव : एनडीए प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने पूरे परिवार के साथ किया मतदान रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव : उपायुक्त माधवी मिश्रा और एसपी पीयूष पांडेय ने किया मतदान

म्यांमार की सेना ने प्रदर्शनकारियों के साथ खेली खून की होली, 90 से ज्यादा लोगों की मौत

यंगून। म्यांमार की सेना ने सशस्त्र बल दिवस के मौके पर सारी हदें पार कर दीं और लोकतंत्र की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ खून की होली खेली। देशभर में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाई गई। इसमें 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस दक्षिण पूर्व एशियाई देश में सैन्य तख्तापलट के बाद शनिवार सबसे अधिक खून-खराबे वाला दिन रहा।

प्रदर्शनों में अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत

तख्तापलट के विरोध में गत एक फरवरी से जारी प्रदर्शनों में अब तक 400 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।म्यांमार में प्रदर्शनकारियों पर शनिवार को जब गोलियां बरसाई जा रही थीं तो उसी समय राजधानी नेपीता में सैन्य दिवस के मौके पर आयोजित परेड के दौरान सैन्य शासक वरिष्ठ जनरल मिन आंग ने कहा कि सेना लोगों की सुरक्षा करेगी। सरकारी टेलीविजन ने शुक्रवार को आगाह किया था कि प्रदर्शनकारियों को गोली मारी जा सकती है। इस चेतावनी की परवाह किए बगैर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी यंगून और मांडले समेत दो दर्जन से ज्यादा शहरों की सड़कों पर उतर गए। म्यांमार नाउ न्यूज पोर्टल के अनुसार, देशभर में सुरक्षा बलों की फायरिंग में 91 लोगों की जान गई है। देश के सबसे बड़े शहर यंगून में 24 लोगों की मौत हुई। मांडले में पांच साल के एक बच्चे समेत 29 लोग मारे गए।

प्रदर्शनकारी ने कहा हमें पक्षियों की तरह मार रही है सेना

इस बीच, सैन्य शासन विरोधी समूह सीआरपीएच के प्रवक्ता डॉ. सासा ने कहा, ‘सुरक्षा बलों के लिए आज का दिन शर्म करने वाला है।’ मध्य म्यांमार के मिंग्यान शहर में रहने वाले एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘वे हमें पक्षियों की तरह मार रहे हैं। हम इसके बावजूद संघर्ष जारी रखेंगे। हमें सैन्य शासन खत्म होने तक लड़ना होगा।’ इस शहर में भी दो प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। इधर, म्यांमार में यूरोपीय यूनियन (ईयू) के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस देश के 76वें सशस्त्र बल दिवस को आतंक और अपमान दिवस के तौर पर याद रखा जाएगा। बच्चों समेत निहत्थे नागरिकों की हत्या की जा रही है।

सैन्य शासन पर बढ़ रहा अंतरराष्ट्रीय दबाव

म्यांमार में तख्तापलट कर सत्ता पर काबिज होने वाली सेना पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने इस देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और सेना से जुड़ी कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। हालांकि चीन ने म्यांमार में तख्तापलट का खुलकर विरोध नहीं किया। यह माना जा रहा है कि म्यांमार की सेना के साथ उसके करीबी संबंध हैं।

हिरासत में हैं आंग सान सू की

सेना गत एक फरवरी को नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) की सरकार का तख्तापलट कर सत्ता पर काबिज हो गई। तभी से अपदस्थ सर्वोच्च नेता आंग सान सू की सहित कई शीर्ष नेता हिरासत में हैं। सेना ने आंग सान पर रिश्वत लेने और अवैध रूप से संचार उपकरण आयात करने के आरोप लगाए हैं। सेना ने कहा था कि गत नवंबर में हुए चुनाव में धांधली हुई थी। इसी के चलते वह सत्ता पर काबिज हुई है।-

nanhe kadam hide