शांति बहाल करना म्यांमार में हितधारकों की प्राथमिकता होनी चाहिए: UNGA में भारत

yamaha

न्यूयॉर्क। भारत ने शुक्रवार को कहा कि लोकतांत्रिक आदेश को बहाल करना म्यांमार में सभी हितधारकों की प्राथमिकता होनी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र के लोगों को अपना समर्थन देना चाहिए। म्यांमार को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अनौपचारिक बैठक में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि म्यांमार में हालिया सभी तरह के कार्यों पर भारत द्वारा बारीकी से निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली को इस बात की गहरी चिंता है कि म्यांमार ने लोकतंत्र की दिशा में पिछले दशकों में जो लाभ हासिल किया है, वह कम नहीं होना चाहिए। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में म्यांमार की सेना ने 8 नवंबर के चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाने के बाद सत्ता पर अपना कब्जा कर लिया था। आंग सान सू की सहित कई राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया गया था।

म्यांमार में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर अपनी नेता आंग सान सू की की रिहाई की मांग की है। विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम तीन प्रदर्शनकारियों और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है।

एक करीबी दोस्त और म्यांमार के पड़ोसी होने के नाते, दूत ने कहा, भारत स्थिति पर कड़ी निगरानी रखेगा और समान विचारधारा वाले देशों के साथ चर्चा में रहेगा ताकि लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि कानून और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के शासन को बरकरार रखा जाना चाहिए, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाना चाहिए। हम म्यांमार नेतृत्व से आह्वान करते हैं कि वे अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से सुलझाने के लिए मिलकर काम करें।

उन्होंने आगे कहा, ‘लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करना म्यांमार में सभी हितधारकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस महत्वपूर्ण मोड़ पर म्यांमार के लोगों को अपना रचनात्मक समर्थन देना चाहिए।’

raja moter

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.