Logo
ब्रेकिंग
मॉबली*चिंग के खिलाफ भाकपा-माले ने निकाला विरोध मार्च,किया प्रदर्शन छावनी को किसान सब्जी विक्रेताओं को अस्थाई शिफ्ट करवाना पड़ा भारी,हूआ विरोध व गाली- गलौज सूक्ष्म से मध्यम उद्योगों का विकास हीं देश के विकास का उन्नत मार्ग है बाल गोपाल के नए प्रतिष्ठान का रामगढ़ सुभाषचौक गुरुद्वारा के सामने हुआ शुभारंभ I पोड़ा गेट पर गो*लीबारी में दो गिर*फ्तार, पि*स्टल बरामद Ajsu ने सब्जी विक्रेताओं से ठेकेदार द्वारा मासूल वसूले जाने का किया विरोध l सेनेटरी एवं मोटर आइटम्स के शोरूम दीपक एजेंसी का हूआ शुभारंभ घर का खिड़की तोड़ लाखों रुपए के जेवरात कि चोरी l Ajsu ने किया चोरों के गिरफ्तारी की मांग I 21 जुलाई को रामगढ़ में होगा वैश्य समाज के नवनिर्वाचित सांसद और जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन l उपायुक्त ने कि नगर एवं छावनी परिषद द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा।

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की पर लगाया गया नया आरोप, देश में इंटरनेट पर फिर लगाई गई पाबंदी

यंगून। म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की हिरासत बुधवार तक बढ़ा दी गई है। इस बीच उनके ऊपर एक नया आरोप लगाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक इस आरोप के तहत कोर्ट की अनुमति के बिना देश की पूर्व सर्वोच्च नेता को अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखा जा सकता है। इस बीच रविवार और सोमवार को एक बार फिर इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई। देश में यह भी अफवाह चल रही है कि लोगों की ऑनलाइन गतिविधियों पर रोक के लिए सरकार फायरवॉल प्रणाली का उपयोग कर सकती है

न्यायाधीश के साथ बैठक के बाद सू के वकील ने कहा कि सर्वोच्च नेता पर प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून के अनुच्छेद-25 का उल्लंघन करने का नया आरोप लगाया गया है। इसका इस्तेमाल कोरोना प्रतिबंध तोड़ने वाले लोगों पर मुकदमा चलाने के लिए किया जाता है। वैसे तो कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है, लेकिन पिछले सप्ताह सेना द्वारा दंड संहिता में बदलाव किए जाने के बाद पुलिस बिना कोर्ट अनुमति के अनिश्चितकाल के लिए किसी को भी हिरासत में रख सकती है। इससे पहले सू पर गैरकानूनी तरीके से वॉकी-टॉकी रखने का आरोप लगाया गया था।

तख्तापलट के खिलाफ जारी हैं प्रदर्शन

म्यांमार में सेना की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर जारी है। मंगलवार को भी यंगून और दूसरे शहरों में तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन हुए। इस दौरान सू और उनकी सरकार के सदस्यों को रिहा करने की मांग की गई। कुछ जगहों पर रेल रोके जाने का भी समाचार है। सेना द्वारा देशवासियों का धन जब्त करने की अफवाह के बीच प्रदर्शनकारियों ने यंगून स्थित सेंट्रल बैंक के सामने प्रदर्शन किया। बौद्ध भिक्षुओं ने संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

सेना ने किया चुनाव कराने का वादा

म्यांमार सेना ने मंगलवार को एक बार फिर चुनाव कराने और जीतने वाली पार्टी को सत्ता सौंपने का वादा किया है। हालांकि सेना ने चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है। सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि निर्वाचित सरकार को हटाया जाना तख्तापलट नहीं है। उन्होंने देश की पूर्व सर्वोच्च नेता को हिरासत में रखने की बात से इन्कार किया है।

1200 अनिवासियों को म्यांमार भेजेगा मलेशिया

मलेशिया सरकार 1200 म्यांमार अनिवासियों को अगले सप्ताह उनके देश भेजेगी। हालांकि इसमें अल्पसंख्यक मुस्लिम रोहिंग्या शरणार्थियों और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी द्वारा चिह्नित लोगों को शामिल नहीं किया गया है। इन लोगों पर वैध दस्तावेज नहीं होने और निश्चित अवधि से ज्यादा समय तक रुकने का आरोप है।