Logo
ब्रेकिंग
बीएफसीएल द्वारा महेश्वर धाम में दो दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, 163 लाभार्थियों की हुई... झारखंड को मिली बड़ी सौगात,17 जनवरी को खुलेगा सब-डीओ कार्यालय, आर्मी लैंड केस अब लोकल लेवल पर! गुरुजी के घर पहुंचे अखिलेश यादव, भावुक होकर कहा – आदिवासियों की आवाज़ हमेशा गूंजेगी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीति की चकाचौंध से दूर पैतृक गांव नेमरा की मिट्टी में रचे-बसे नज़र आ रहे ... रामगढ़ की बेटी चंद्र ज्योति उपाध्याय ने रचा इतिहास, JPSC में पाई 70वीं रैंक, बनीं डिप्टी कलेक्टर युवा आजसू का संकल्प – हर गांव, हर विद्यालय में हरा अभियान! आफ़ताब अंसारी के मामले कि जांच और परिजनों को मिले मुआवजा : जोया प्रवीण रामगढ़ थाना से फरार आफताब कि मौ*त, जमकर बवाल, इंस्पेक्टर प्रमोद सिंह और कई पुलिसकर्मी निलंबित रामगढ़ डीसी बने फरिश्ता, बेहोश स्कूली बच्चे को अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल, बचाई जान प्रधान सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखंड सरकार श्री मस्त राम मीणा ने किया रामगढ़ जिले का दौरा।

किसानों की हिंसा पर एक्शन शुरू- 200 उपद्रवी हिरासत में लिए, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के मामले में अब तक 22 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। वहीं किसानों द्वारा की गई हिंसा पर दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बयान जारी किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि किसानों द्वारा किए गए हमलों में अब तक 300 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। दिल्ली में किसानों द्वारा की गई हिंसा के खिलाफ अब एक्शन भी शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस ने करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, जिनपर हिंसा करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप लगाया है। बता दें कि मंगलवार को तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसानों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़ फोड़ की और लाल किले पर धार्मिक झंडे लगा दिए। हिंसा स्थल पर एक प्रदर्शनकारी का ट्रैक्टर पलट गया जिससे उसकी मौत हो गई।

बयान में कहा गया कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गणतंत्र दिवस के मौके पर किसान ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया गया था। प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के संबंध में मोर्चा के साथ दिल्ली पुलिस की कई दौर की बैठक हुई थी। बयान के अनुसार मंगलवार को सुबह करीब 8:30 बजे छह हजार से सात हजार ट्रैक्टर सिंघू सीमा पर एकत्र हुए। पहले से निर्धारित रास्तों पर जाने के बदले उन्होंने मध्य दिल्ली की ओर जाने पर जोर दिया।

बार-बार आग्रह के बावजूद निहंगों की अगुवाई में किसानों ने पुलिस पर हमला किया और पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया। गाजीपुर एवं टीकरी सीमा से भी इसी तरह की घटना की खबरें हैं। इसमें कहा गया है कि ITO पर गाजीपुर एवं सिंघू सीमा से आये किसानों के एक बड़े समूह ने लुटियन जोन की तरफ जाने का प्रयास किया। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका तो किसानों का एक वर्ग हिंसक हो गया। उन्होंने अवरोधक तोड़ दिए तथा वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया।